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वसीयत पंजीकरण के 200 मामलों की फाइल खंगाल रही जांच टीम

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गोंडा। मरणोपरांत वसीयत पंजीकरण के कई प्रकरणों में विभागीय प्रारंभिक जांच में आरोप प्रमाणित होने पर गोंडा के पूर्व प्रभारी उपनिबंधक सौरभ कुमार सिंह के निलंबन के बाद सकते में आए विभागीय अफसरों ने विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। इस प्रकरण में दो सौ से अधिक मामले अब जांच की जद में आए हैं। विभागीय अधिकारियों की टीम मूल पत्रावलियों को खंगाल कर गहनता जांच कर रही है।
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जनपद आजमगढ़ के थाना सिधारी अंतर्गत ग्राम बैठोली निवासी रिंकी सिंह पत्नी स्व. यशपाल सिंह के मुख्तारे आम प्रशांत प्रकाश सिंह ने महानिरीक्षक निबंधन एवं स्टांप इलाहाबाद को पत्र भेजकर शिकायत की थी कि रिंकी सिंह के पति यशपाल सिंह पुत्र स्व. राम नवल सिंह की मृत्यु के तीन साल बाद रिंकी सिंह के जेठ अजय पाल सिहं व रतनपाल सिंह ने उनकी संपत्ति हड़पने की नीयत से एक फर्जी वसीयत तैयार किया। फर्जी वसीयतनामा को पति के मरणोपरांत गोंडा के तत्कालीन उपनिबंधक ने नौ जनवरी 2019 को पंजीकृत कर दिया।
शिकायतकर्ता ने गोंडा उपनिबंधन कार्यालय में चार, करनैलगंज तीन व तरबगंज में दो मरणोपरांत वसीयत पंजीकरण के मामलों तथा गोंडा में एक व करनैलगंज में दो फर्जी बैनामों का हवाला देते हुए सभी प्रकरणों की गहनता से जांच करके कार्रवाई की मांग की थी। गंभीरता से लेते हुए महानिरीक्षक निबंधन एवं स्टांप इलाहाबाद डॉ. रोशन जैकब ने उपमहानिरीक्षक देवीपाटन मंडल डॉ. दिनेश प्रसाद मिश्र, सहायक महानिरीक्षक बहराइच सिद्धार्थ कुमार और सहायक महानिरीक्षक बलरामपुर की तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर प्रारंभिक जांच कराई। जांच में समिति ने पाया कि उपनिबंधक कार्यालय गोंडा के कनिष्ठ सहायक व तत्कालीन प्रभारी उपनिबंधक ने विभागीय नियमों, अधिनियमों का गलत उपयोग कर ऐसे मरणोपरांत वसीयतनामे का पंजीकरण किया है, जिनमें लोक अधिकारी के रुप में अर्द्धन्यायिक प्रक्रिया का सम्यक अनुपालन भी नहीं किया गया। इस आधार पर उनके कृत्य एवं आचरण एक आदर्श लोक सेवक के आचरण के सर्वथा प्रतिकूल माना गया। उन्हें निलंबित करके उपमहानिरीक्षक निबंधन एवं स्टांप प्रयागराज मंडल प्रयागराज से संबद्ध किया गया है।
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शिकायतकर्ता प्रशांत प्रकाश ने सौरभ सिंह के सेवाकाल में पंजीकृत की गई वसीयत और जन्म से अंधे व्यक्तियों के संपत्ति के बैनामों की जांच की मांग करते हुए कहा है कि आरोपी उप निबंधक ने अपने तैनाती के दौरान सैकड़ों वसीयत व फर्जी बैनामा पंजीकृत किया है। इस कूटरचित कार्यवाही ने सैकड़ों विधवा, वृद्ध, दिव्यांग और असहाय लोगों को मुकदमेबाजी में उलझा दिया है।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए महानिरीक्षक के निर्देश पर अपर महानिरीक्षक निबंधन अरविंद प्रताप सिंह ने देवीपाटन मंडल के उपमहानिरीक्षक की अध्यक्षता में गठित जांच समिति को प्रकरण की पूरी गहनता के साथ जांच करके आख्या उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं। जांच समिति के अध्यक्ष देवीपाटन मंडल के उपमहानिरीक्षक डॉ. दिनेश प्रसाद मिश्र ने बताया कि प्रकरण की जांच की जा रही है। जल्द ही आख्या उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।
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