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ईपीएफ मामले में पड़ताल तेज, सीएमओ ने मांगी जानकारी

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गोंडा। जिले के 200 संविदाकर्मियों के भविष्य निधि को गोलमाल करने का खुलासा होने पर स्वास्थ्य महकमा हरकत में आया। सीएमओ ने कर्मचारियों के ईपीएफ भुगतान से संबधित पत्रावली तलब कर मामले का पड़ताल शुरू कर दी है। वहीं एनएचएम के डीपीएम नया खाता खोलकर तीन दिनों में ईपीएफ खाते में भुगतान करने की बात कह रहे हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जिलें में काम करने वाले करीब 200 संविदा कर्मियों के ईपीएफ धनराशि में घालमेल किया जा रहा था। कई माह से एनएचएम कर्मियों के ईपीएफ खाते में पैसा नहीं जमा किया जा रहा है।
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विभागीय सूत्रों की माने तो इन कर्मचारियों के भविष्य निधि का सरकारी अंश के साथ कटौती की राशि किसी अलग खाते में जमाकर खेल किया जा रहा था। हर माह करीब पांच लाख रुपये का घालमेल किया जा रहा था। अमर उजाला में 25 मार्च के अंक में ईपीएफ खाते में घालमेल, लाखों के घोटाले की आशंका हेडलाइन से प्रकाशित खबर से स्वास्थ्य महकमा हरकत में आ गया, सीएमओ से पटल सहायक से ईपीएफ से संबंधी पत्रावली तलब कर जबाब मांगा। वहीं, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जिला कार्यक्रम अधिकारी अमरनाथ ने बताया कि कर्मचारी भविष्य निधि के लिए अलग से खाता नहीं खुला था, इसलिए भुगतान में दिक्कत आई है। अब नया खाता खोलकर ईपीएफ खाते में भुगतान की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
200 कर्मचारियों के पांच लाख रुपये का हर माह हो रहा था घालमेल
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जिले में करीब 200 संविदाकर्मियों (एएनएम, लैब टेक्नीशियन तथा फार्मासिस्ट) की विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रो पर नियुक्ति है जिन्हें 15 हजार रुपये से कम मानदेय दिया जाता है। शासन के आदेशानुसार जिन्हें कर्मचारी भविष्य निधि का लाभ दिया जाना है, योजना के तहत इन कर्मचारियों का औसतन ढाई हजार रुपये हर माह अंशदान जमा कराया जाना था और उतना ही अंशदान राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से कर्मचारी के भविष्य निधि खाते में जमा कराना था। कर्मचारी नौकरी छोड़ेगा तब उसको भविष्य निधि में जमा की गई सारी धनराशि एकमुश्त मिल जाएगी। योजना के तहत जिले के 200 कर्मचारियों का करीब पांच लाख रुपये का घालमेल किया जा रहा था। विभागीय सूत्रों की माने तो कर्मचारियों के ईपीएफ की धनराशि को अलग खाते में जमा कर उसका ब्याज हड़प कर लिया जा रहा था।
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