गोंडा में करनैलगंज विकासखंड के मजरा खजुरिया में घर के बाहर बैठी बुर्जुग महिला।
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गोंडा। बेटों की बेरुखी से एक वृद्ध महिला दर दर की ठोकरें खाने को विवश है। पति की मृत्यु के बाद वरासत में न तो महिला का नाम दर्ज हुआ और न बेटे ही उसको सहयोग कर रहे हैं। महिला भूखों मरने के लिए विवश है।
मामला करनैलगंज विकासखंड के मजरा खजुरिया निधान पुरवा का है। जहां लगभग 25 वर्ष पूर्व विमला देवी के पति की मृत्यु होने के बाद उसके नाम वरासत भी नहीं की गयी। उसके तीनों बेटों के नाम वरासत कर दी गयी।
विमला देवी बेटों के भरोसे थी। मगर अब बेटों ने भी उसे कुछ भी देना बंद कर दिया। महिला ने कोतवाली में दी गई तहरीर में कहा है कि उसका एक बेटा नशेड़ी है। उसको बहला फुसलाकर उसके दामाद ने अपने बेटे की पत्नी के नाम से लगभग दो बीघा जमीन बैनामा करवा लिया।
इससे वो काफी परेशान है। महिला ने न्याय के लिए जिलाधिकारी से गुहार लगाई है। कोतवाल प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि कोई तहरीर प्राप्त नही हुई है, मामला राजस्व विभाग से संबंधित है।