गोंडा। बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय स्कूल गुरुवार से खुल रहे हैं। गर्मी की तपिश में स्कूलों को खोलने का निर्णय तो लिया गया है, लेकिन शिक्षक परेशान हैं। छात्रों को ऐसी गर्मी में स्कूल बुलाना चुनौतीपूर्ण है। वहीं विभाग ने शिक्षकों की समस्याओं को दूर करने के लिए क्लीन डेस्क पालिसी लागू कर दी गई है। शिक्षकाें को दौड़ना नहीं पड़ेगा। इसके लागू होने के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में किसी भी पटल पर कोई कार्य लंबित नहीं रहेगा। किसी भी पटल पर कोई कार्य लंबित रहने पर पटल संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
परिषदीय विद्यालय आज से खुल रहे हैं। बीएसए कार्यालयों के भी निरीक्षण होंगे, जिनमें विभिन्न पटल पर लंबित प्रकरणों की समीक्षा होगी। लंबित मामलों में मान्यता प्राप्त विद्यालयों की फाइलें, अध्यापकों के विरुद्ध गतिमान जांच में प्रगति, शिक्षकों के लंबित अवकाश आदि शामिल है।
छात्रों की सामग्री के लिए दिए अनुदान का सत्यापन
जिले के 2611 विद्यालयों के चार लाख छात्रों को सामग्री खरीद के लिए बजट दिया गया है। प्रत्येक छात्र के अभिभावक के खाते में 1100 रुपये की दर अनुदान दिया गया है। प्रत्येक छात्रों के यूनिफार्म स्कूल में ही आए। इसके लिए उनके खाते में रुपये भेजे जा चुके हैं। बीईओ स्तर से डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) की राशि का सत्यापन कराने की योजना बनी है। 16 से 25 जून तक ब्लॉक स्तर पर एकेडमिक रिसोर्स पर्सन की बैठक होगी।
स्कूल की सपोर्टिव सुपरविजन की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। वहीं 30 जून तक शिक्षक संकुल की बैठक होगी। आउट ऑफ स्कूल बच्चों की शिक्षा के लिए संचालित शारदा पोर्टल व विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों की समवेशी शिक्षा के लिए संचालित समर्थ ऐप पर सूचना दी जाएगी।
स्कूलों के संचालन की तैयारी पूरी कर ली गई है। संकुल शिक्षकों के प्रशिक्षण का आयोजन शुरू किया जा रहा है। गुरुवार से ही जिला पंचायत सभागर में प्रशिक्षण होगा। डॉ. अखिलेश प्रताप सिंह, बीएसए