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त्रुटि से बढे ब्लॉक हटेंगे, साथ ही नए बीआरसी भी बनेंगे 17-47-05

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फोटो-12 गोंडा में बीएसए कार्यालय। (संवाद) - फोटो : GONDA
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गोंडा। बेसिक शिक्षा में यू-डायस पर ब्लॉक बढ़ाए जाने के मामले में स्थिति साफ हो गई है। जिले में तीन नगर क्षेत्र हैं, लेकिन तीनों की यूनिट अलग-अलग नहीं हैं। नगर शिक्षा अधिकारी ही तीनों नगर क्षेत्रों के स्कूलों का पर्यवेक्षण करते रहेंगे। साथ ही जहां नए ब्लॉक या नगर निगम बने हैं वहां नवीन बीआरसी की स्थापना होगी। निदेशालय ने जिलों से प्रस्ताव मांगा है। अपर शिक्षा निदेशक ललिता प्रदीप ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों से प्रस्ताव मांगा है। फिलहाल, जिले में कोई नया ब्लॉक तो नहीं बना है। लेकिन झंझरी ब्लॉक में बीआरसी ही नहीं है। वह डायट परिसर में संचालित हो रहा है।
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जिले में 16 ब्लॉक हैं, इसके बावजूद बेसिक शिक्षा के यू-डायस पर 19 ब्लॉक प्रदर्शित हो रहे थे। जिसके बारे में सत्यापन के लिए निदेशालय से निर्देश जारी हुए थे। मामले की खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। पूरी छानबीन के बाद यह मामला सामने आया कि जो तीन नाम ब्लॉक के रूप में प्रदर्शित हो रहे हैं, वह नगर क्षेत्र हैं। जिले में नवाबगंज, गोंडा व करनैलगंज तीन नगर पालिका परिषद हैं। इनको यू- डायस पर अलग-अलग फीड कर रखा गया है। यह प्रशासनिक दृष्टिकोण से अलग- अलग हैं, लेकिन शैक्षिक दृष्टि से जिले में नगर शिक्षा अधिकारी का एक ही पद सृजित है। ऐसे में तीनों को मिला कर एक यूनिट ही माना जाएगा। 16 ब्लॉक व एक नगर क्षेत्र ही रहेंगे। विभाग ने तय किया है कि नगर क्षेत्रों के स्कूलों के पर्यवेक्षण के लिए नगर शिक्षा अधिकारी एक ही पद होगा।
बेसिक शिक्षा की अपर शिक्षा निदेशक की ओर से नए बीआरसी (ब्लॉक संसाधन केंद्र) के गठन का प्रस्ताव मांगा जाता है। जिले में कोई नया ब्लॉक न बनने से बीआरसी के गठन की जरूरत नहीं हैं। बीआरसी भवन झंझरी में नहीं है, वह डायट में संचालित है। इससे वहां पर बीआरसी भवन की जरूरत बताई जा रही है। पूर्व में झंझरी के बीआरसी का संचालन डायट परिसर में ही करने के निर्देश थे। इसलिए वहीं पर संचालित हो रहा है।
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नगर क्षेत्रों में स्कूल कम, इसलिए नहीं सृजित होंगे पद
जिले के तीनों नगर पालिकाओं गोंडा, नवाबगंज व करनैलगंज को मिलाकर सिर्फ 46 स्कूल ही हैं। महज 46 स्कूलों का पर्यवेक्षण करने के लिए एक ही शिक्षा अधिकारी का पद रहेगा। स्कूलों की संख्या कम होने से अलग- अलग शिक्षा अधिकारी की कोई जरूरत नहीं है। बताया जा रहा है कि गोंडा नगर पालिका को छोड़कर अन्य दोनों नगर पालिकाओं में 10 ही स्कूल हैं। स्कूलों की संख्या कम होने से नए पदों के सृजित नहीं हो सकते हैं।
चार नगर पंचायतों के स्कूलों को नहीं मिल सका नगरीय का दर्जा
जिले में तीन नगर पालिका परिषदों के अलावा चार नगर पंचायतें भी हैं। खरगूपुर, मनकापुर व कटरा बाजार तो पहले से नगर पंचायतें हैं, परसपुर सात साल पहले गठित हुए थीं। इन चारों क्षेत्रों को तो शहरी क्षेत्र का दर्जा मिला है और नगरीय विकास विभाग से योजनाएं भी संचालित हो रही हैं। इसके बाद भी इन क्षेत्रों के स्कूलों को शहरी क्षेत्र में होने का दर्जा आज तक नहीं मिल सका है। अभी नगर पंचायतों के स्कूलों का पर्यवेक्षण ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों के लिए बने ब्लॉक संसाधन केंद्रों के माध्यम से ही होता है।
तीन नगर क्षेत्रों का बेसिक शिक्षा में एक ही यूनिट माना गया है। यू-डायस पर अलग-अलग है, इससे दिक्कत आई है। कोई नया बीआरसी नहीं बनना है। नगर पंचायतों के स्कूलों के बारे में शासन के आदेशों के अनुसार ही कार्रवाई की जा रही है। राम प्रताप सिंह, बीएसए
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