गोंडा। कोराना संक्रमण की आशंकित तीसरी लहर से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। तैयारियों को परखने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार को कोविड के जिला अस्पताल समेत चारों सीएचसी में अधिकारियों की देखरेख में सफल मॉकड्रिल की।
इसके तहत कोविड कमांड सेंटर से सूचना मिलते ही एंबुलेंस से संक्रमित बच्चे को अस्पताल लाया गया जहां स्वास्थ्यकर्मी तत्काल कोरोना संक्रमित बच्चे को बालरोग विशेषज्ञ के पास ले गये। मौके पर मौजूद चिकित्सक ने बच्चे की स्थित के अनुसार पीकू वार्ड व आईसीयू में भर्ती कर आक्सीजन देकर आकस्मिक इलाज शुरू कर दिया। इस मॉक ड्रिल में स्वास्थ्य विभाग सभी चुनौतियों पर खरा साबित उतरा।
विशेषज्ञों का मानना है कि तीसरी लहर में बच्चों के संक्रमित होने की संभावना अधिक रहेगी। इसी लिए आला अफसरों की निगरानी में कोरोना संक्रमित बच्चे को तत्काल इलाज सुविधा मुहैय्या कराने का पूर्वाभ्यास किया गया।
यह मॉकड्रिल जिला अस्पताल स्थित कोविड एल वन अस्पताल व सामुदायिक स्वास्थ्यकेंद्र वजीरगंज, सामुदायिक स्वास्थ्यकेंद्र हलधरमऊ, सामुदायिक स्वास्थ्यकेंद्र व सामुदायिक स्वास्थ्यकेंद्र इटियाथोक में हुई।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र वजीरगंज में एसीएमओ डॉ एपी सिंह की देखरेख में मॉकड्रिल पूरी तरह सफल दिखी। इस दौरान एकीकृत कोविड कमांड कंट्रोल रुम से सूचना मिली कि एक 11 वर्षीय बच्ची डॉली को सांस लेने में परेशानी होने के साथ ही उसकी तबियत बिगड़ रही है।
सूचना मिलते ही तत्काल एम्बुलेंस भेजकर मरीज को सीएचसी लाया गया जहां बालरोग विशेषज्ञ ने परीक्षण के बाद उसे पीकू वार्ड में भर्ती करा तत्काल ऑक्सीजन देकर उसका आकस्मिक इलाज शुरु किया। इस दौरान डॉ आशुतोष, डॉ शेखर, प्रीति व संदीप उपस्थित रहे।
जिला अस्पताल स्थित कोविड एल वन अस्पताल में प्रमुख अधीक्षक डॉ घनश्याम सिंह की निगरानी तथा अस्पताल प्रबंधक रविकांत शुक्ल की देखदेख में मॉकड्रिल हुई। इसमें एक बच्चे को सांस लेने में समस्या होने की सूचना के बाद अस्पताल लाया गया जहां डाक्टरों की बालरोग विशेषज्ञ की टीम ने बच्चे का परीक्षण करने के बाद उसे कोरोना संक्रमित पाने पर तुरंत आईसीयू में भर्ती कर उसका बेहतर इलाज कर जान बर्चाई।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छपिया में दस वर्षीय रोहित की सांस फूलने की सूचना मिली। जिसे तत्काल सीएचसी छपिया लाया गया। रोहित को स्ट्रैक्चर के माध्यम से पीडियाट्रिक वार्ड में पहुंचाया गया। जहां तैनात चिकित्सक डा जय प्रकाश वर्मा व स्टाफ नर्स रोमा ने दस मिनट के भीतर रोहित को ऑक्सीजन लगाया।
कुछ देर बाद बच्चे की हालत में सुधार हुआ। अधीक्षक डा आलोक कुमार सिंह ने बताया कि बच्चों के उपचार के लिए दो आईसीयू व दस नार्मल बेड ऑक्सीजन सिलेंडर, कॉन्सनेटर सहित ड्रिप दवा की समुचित व्यवस्था की गई है। हलधरमऊ में एसीएमओ डॉ जयगोविंद की देखरेख में मॉकड्रिल हुई।