208 पहुंची डेंगू संक्रमितों की संख्या, पांच मरीज मेडिकल कॉलेज में भर्तीसंवाद न्यूज एजेंसी
गोंडा। तेजी से बढ़ रहे डेंगू व मौसमजनित बीमारियों के प्रकोप ने प्लेटलेट्स की डिमांड पांच गुना तक बढ़ा दी है। दो महीने पहले मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक से जहां हर रोज चार से पांच यूनिट प्लेटलेट्स की खपत होती थी, वहीं अब यह डिमांड 22 से 25 यूनिट तक पहुंच गई है।
मंगलवार को डेंगू के 15 नए मरीजों की पुष्टि हुई है, जिसके साथ जिले में डेंगू मरीजों की संख्या बढ़कर 208 पहुंच गई है। सरकारी व निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों को प्लेटलेट्स चढ़ाने का सुझाव दिया जाता है। मेडिकल कॉलेज में पांच डेंगू मरीजों का उपचार चल रहा है। वहीं निजी अस्पताल में भर्ती मरीज के तीमारादार प्लेटलेट्स के लिए भाग दौड़ कर रहे हैं।
ब्लड बैंक के कर्मियों की मानें तो प्लेटलेट्स होल ब्लड से तैयार किया जाता है, जो पांच दिन में स्वत: खराब हो जाता है। ऐसे में लंबे समय तक प्लेटलेट्स सुरक्षित नहीं रखा जा सकता है। इसलिए संबंधित ब्लड ग्रुप का रक्तदान करने के बाद ही प्लेटलेट्स की उपलब्धता हो पाती है।
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हर मरीज को प्लेटलेट्स चढ़ाना जरूरी नहीं
डेंगू से संक्रमित सभी मरीजों को प्लेटलेट्स चढ़ाने की कोई जरूरत नहीं होती है। मेडिकल कॉलेज के फिजीशियन डॉ. अखिलेश त्रिपाठी ने बताया कि प्लेटलेट्स काउंट 40 हजार से कम होेने पर ही चढ़ाना जरूरी होता है। इससे ऊपर शरीर स्वयं रोग से लड़ता है और स्वत: प्लेटलेट्स काफी हद तक कवर कर लेता है। पपीता, कीवी फल व मौसमी सब्जियों के सेवन से जल्द प्लेटलेट्स बढ़ जाती है।