गोंडा। तेजी से घट रही सरयू नदी की कटान तेज हो गई है। ग्रामीणों के साथ ही बाढ़ खंड के अधिकारी भी सकते में हैं। कटान रोकने की जद्दोजहद तेज हो गई है। बृहस्पतिवार को बाढ़ खंड के चीफ इंजीनियर सहित कई अधिकारियों ने कटान स्थल का निरीक्षण किया।
जिले के ग्राम बहुवन मदार माझा के पास बृहस्पतिवार को सरयू नदी के घट रहे जलस्तर से कटान तेज हो गई। करीब एक किलोमीटर के दायरे में नदी की कटान तेज हो गई है। अब तक करीब तीन हेक्टेयर भूमि का कटान हो चुका है। 19 किसानों के फसल लगे खेत कटकर नदी में समा चुके हैं। बुधवार को सरयू का जलस्तर खतरे के निशान से चार सेंटीमीटर ऊपर चल रहा था जो बृहस्पतिवार को तेजी से घटते हुए खतरे के निशान से 10 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गया। जलस्तर घटने का क्रम जारी है।
सरयू नदी घटते समय अपने रौद्र रूप को अपनाती है और कटान तेजी से करने लगती है। इसके चलते बीते 24 घंटे में सैकड़ों बीघे भूमि कट गई। ग्राम चंदापुर किटौली, माझा रायपुर, कमियार, पारा, बेहटा के सामने भी लगातार कटान तेजी से हो रहा है। जहां सबसे गंभीर स्थिति बहुवन मदार माझा के सामने की है। जहां बांध को बचाने की जद्दोजहद शुरू हो गई है। बृहस्पतिवार को बाढ़ खंड के मुख्य अभियंता संजय त्रिपाठी, अधिशाषी अभियंता जय सिंह, सहायक अभियंता अमरेश सिंह, अवर अभियंता रवि वर्मा ने नाव से नदी में जाकर कटान की स्थिति को देखा। कटान रोकने के लिए परखोपाइन, बोल्डर और अन्य व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लगाने का काम शुरू कराया। वहीं, तरबगंज तहसील के माझा क्षेत्र में भी सरयू नदी कटान कर रही है।
साकीपुर गांव के चहलावा गांव में कटान तेज हो रहा है। तुलसीपुर माझा के राजा फार्म और दत्तनगर तथा बयौदा माझा गांव के पास भी तेजी से कटान हो रहा है। कटान में रोजाना कई बीघे खेत और मकान नदी के धारा में समा रहे हैं। बृहस्पतिवार को बाढ़ प्रभावित गांवों के दौरे पर पंहुचे एसडीएम विशाल कुमार ने ब्योंदा माझा के बाढ़ पीड़ितों में लंच पैकेट वितरित किया। उन्होंने बताया की स्वास्थ्य विभाग और पशुपालन विभाग को प्रभावित गांवों में नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।