नगर पालिका में तैनात सफाईकर्मी संतोष जायसवाल। स्रोत: सोशल मीडिया
एआरटीओ की सत्यापन रिपोर्ट में हुआ खुलासा, खंगाला जाएगा बैंक अकाउंट
संवाद न्यूज एजेंसी
गोंडा। देवीपाटन कमिश्नर कार्यालय में तैनात नगर पालिका परिषद का सफाई कर्मचारी कई लग्जरी वाहनों का मालिक निकला। इसका खुलासा सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी की सत्यापन रिपोर्ट में हुआ है। अधिकारियों को आशंका है कि सफाई कर्मचारी ने कमिश्नर कार्यालय पर नाजिर पद पर रहते हुए करोड़ों रुपये की संपत्ति अर्जित की है। साथ ही कई फाइलों में हेराफेरी कर रकम जुटाई गई है।
देवीपाटन मंडल कमिश्नर शशिभूषण लाल सुशील की ओर से सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी से वाहनों का ब्योरा तलब किया गया था। पिछले पांच अगस्त को सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी की ओर से वाहनों की सत्यापन रिपोर्ट सौंप दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि आगामी 17 जुलाई से चार जून 2024 तक कमिश्नर कार्यालय में तैनाती के दौरान सफाई कर्मी संतोष कुमार जायसवाल कई लग्जरी गाड़ियों का मालिक बन गया। एआरटीओ की जांच में सफाई कर्मचारी, उसके भाई समेत परिजनों के नाम छह से अधिक लग्जरी गाड़ियों के पंजीयन की पुष्टि की गई है।
आरोप है कि गलत तरीके से करोड़ों रुपये की संपत्ति अर्जित की गई है। इस मामले में तत्कालीन कमिश्नर योगेश्वरराम मिश्र ने एफआईआर दर्ज कराने के साथ ही संपत्ति जांच का आदेश दिया था। सदर तहसीलदार की ओर से वाहनों की जानकारी जुटाई गई थी। वहीं सत्यापन के लिए सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी को जरूरी जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके बाद मामले का खुलासा हो सका है। अधिकारियों का कहना है कि सफाई कर्मचारी के खाते का ब्योरा तलब किया गया है। साथ ही बैंक से पिछले पांच साल का रिकॉर्ड मांगा गया है। माना जा रहा है कि आरोपी सफाई कर्मचारी पर शिकंजा कसता जा रहा है।