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दावा 20 घंटे का, मिल रही दस घंटे बिजली

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गोंडा। ग्रामीण क्षेत्रों में 18 और शहरी क्षेत्रों में 20 घंटे बिजली आपूर्ति किए जाने का दावा किया जा रहा है। लेकिन दावे के विपरीत महज 8 से 10 घंटे ही विद्युत आपूर्ति की जाती है।
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ट्रिपिंग, लो-वोल्टेज की समस्याओं से नगर व ग्रामीण इलाके के उपभोक्ता परेशान हैं। बार-बार बिजली कटने से बिजली से चलने वाले उपकरण खराब हो रहे हैं। गर्मी से बेहाल लोगों का दिन तो किसी तरह कट जाता है, लेकिन रात की कटौती से लोग कराह उठ रहे हैं।
रात में विद्युत कटौती से ग्रामीण इलाकों में अंधेरा छा जाता है, जिससे गांवों में चोरियां भी बढ़ गई हैं। करनैलगंज रेलवे क्रासिंग के पास नई बस्ती, छतईपुरवा गांव के जर्जर बिजली तार के टूटने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गर्मी व उमस में उपभोक्ता परेशान हैं।
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हुजूरपुर रोड स्थित छतईपुरवा के पास लगे ट्रांसफर पर अधिक लोड रहता है। एलटी तार काफी जर्जर एवं पुराना हो चुका है। कई स्थानों पर तारों में जगह-जगह जोड़ लगाए गए हैं। सबसे दयनीय स्थिति हुजूरपुर रोड से नई बस्ती के बिजली तारों की है।
गर्मी में लोड अधिक बढ़ता है तो बार-बार तार टूटता रहता है। रात व दिन बिजली आपूर्ति बाधित रहती है। प्रदेश सरकार ने फरमान जारी किया है कि सभी जर्जर तारों को बदल दिया जाए।
ग्रामीण क्षेत्रों में सुचारू रूप से विद्युत आपूर्ति किया जाए। इसमें किसी तरह की लापरवाही न बरतें। बावजूद इस के अधिकारियों के कानों तक जूं नहीं रेंग रहे है। अपने मनमाने ढंग से कार्य कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने कई बार बिजली विभाग व एसडीएम को प्रार्थना पत्र दिया, फिर भी समाधान नहीं किया गया। जेई सूरज प्रसाद का कहना है जर्जर तार को हटवाकर शीघ्र ही केबल डाला जाएगा। शासन से जारी रोस्टर के अनुरूप ही विद्युत आपूर्ति की जाती है।
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