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सीएचसी के निरीक्षण में डीएम को मिली अव्यवस्थाएं

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10द्दस्रड्डश्च6-गोंडा के सीएचसी छपिया के निरीक्षण के दौरान मरीज का हाल जानते डीएम मार्कण्डेय शाही - फोटो : GONDA
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गोंडा। डीएम मार्कंडेय शाही ने सीडीओ शशांक त्रिपाठी, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सूरज पटेल के साथ मंगलवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छपिया तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मसकनवा का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान सीएचसी छपिया में डीएम को तमाम अव्यवस्थाएं मिलीं।
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डीएम ने पूर्व के निरीक्षणों में दिए सख्त निर्देशों के बाद भी सुधार न करने पर सीएचसी अधीक्षक छपिया डॉ. आलोक सिंह के विरुद्ध कार्रवाई के लिए सीएमओ को शासन सूचना भेजने का आदेश दिया। निरीक्षण के दौरान स्वयं सीएचसी अधीक्षक डॉ. आलोक सिंह ड्यूटी से गैरहाजिर मिले। काफी देर बाद जब वह आए तो डीएम ने उनसे उनके द्वारा की गई ओपीडी का रजिस्टर मांगा। जिसे देख पता चला कि सीएचसी अधीक्षक ने पिछली 22 जुलाई से ओपीडी नहीं की हैं। डीएम द्वारा पूछने पर वे बहाने बनाते नजर आए।
उपस्थिति पंजिका का निरीक्षण करने पर एमओ डॉ. संदीप सिंह अनुपस्थित मिले। जबकि एमओ डॉ. जयप्रकाश वर्मा गैरहाजिर तो मिले ही साथ ही उनके द्वारा उपस्थिति रजिस्टर पर 11 अगस्त की उपस्थिति दो दिन पहले ही दर्ज कर दी गई थी। इससे नाराज डीएम ने वहीं पर सीएचसी प्रभारी को जमकर फटकार लगाई। मौजूद सीएमओ को निर्देश दिए कि वे सीएचसी अधीक्षक के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को तत्काल सूचना भेजें। निरीक्षण के दौरान पांच के सापेक्ष मात्र दो डॉक्टर ही ओपीडी करते पाए गए।
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सीएचसी छपिया का निरीक्षण करने के बाद डीएम सीधे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मसकनवा पहुंचे। वहां पर उन्होंने अस्पताल के भवनों की मरम्मत कार्यों का जायजा लिया। सीमएओ को निर्देश दिए कि वे खंड विकास अधिकारी छपिया से समन्वय बनाकर अस्पताल की रंगाई-पुताई व अन्य मरम्मत कार्य कराएं। अस्पताल में नियमानुसार मनरेगा से जो भी कार्य हो सकते हों उन्हें कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मसकनवा पीएचसी में मरीजों की संख्या ज्यादा रहती है, लिहाजा किसी भी स्तर पर लापरवाही न की जाए। इस दौरान प्रभारी खंड विकास अधिकारी जेपी यादव व थानाध्यक्ष छपिया राकेश सिंह उपस्थित रहे।
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