गोंडा। जिले के झंझरी ब्लॉक में मनरेगा की 24 परियोजनाओं में नागरिक सूचना बोर्ड (साइन बोर्ड) के नाम पर फर्जी भुगतान किया गया। एक ही परियोजना पर एक-एक बोर्ड के स्थान पर दो-तीन बोर्ड के रुपये निकाल लिए गये। सीडीओ शशांक त्रिपाठी ने बताया कि मामले की जांच कराई गई जिसमें एक लाख 30 हजार रुपये के गबन की पुष्टि हुई है।
इस मामले में झंझरी ब्लॉक के तत्कालीन बीडीओ अरुण कुमार सिंह, ब्लॉक के लेखाकार मनोज कुमार श्रीवास्तव, कंप्यूटर ऑपरेटर संगम लाल व सहायक लेखाकार नीलम की मिलीभगत रही। इन चारों से 32,500-32,500 रुपये की वसूली तय की गई है। इसके साथ ही चारों के खिलाफ एफआईआर के आदेश दिए गए हैं।
ब्लॉकों में मनरेगा की प्रत्येक परियोजना पर नागरिक सूचना बोर्ड लगाने के निदेश हैं। एक बोर्ड पर 3500 रुपये की दर से बजट भी तय किया गया था। ब्लॉक में 111 परियोजनाओं पर बोर्ड लगाने के लिए बजट खर्च किया गया था। जिलाधिकारी डॉ. उज्जवल कुमार के निर्देश पर सीडीओ ने जांच कराई तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। 24 परियोजनाओं में दो या तीन नागरिक सूचना बोर्ड के नाम पर भुगतान लिया गया।
झंझरी की ग्राम पंचायत चिश्तीपुर, बभनी कानूनगो, बूढ़ादेवर, छाछपारा कानूनगो, चकसड़, चंदवतपुर, चैरी हरसोपट्टी, डड़वा कानूनगो, दसियापुर, फिरोजपुर तरहर, गड़वलिया, गंगापुर, गौरा कानूनगो, घरवासजोत, गुलरिहा, इमरती विसेन, इमिलिया मिश्र, जमदरा, झंझरी, कस्टुआ, कटरा माफी, खोरहंसा, कुन्दुरखा, लक्ष्मणपुर जाट, मान्दे, माधवपुर चकत्ता, माझा तरहर, मल्थुआ शहजोत, मसौली, नरायनपुर वली, नौबरा, पिपरापदुुम, पिपराउदई, राम नगर तरहर, सरैंयामाफी, सीहागांव, सिसवरिया एवं ठोरहंस में सूचना बोर्ड के नाम पर अनियमित भुगतान के मामले सामने आए।
मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि ग्राम पंचायतों में कूटरचित तरीके से एक ही कार्य के लिए दो या तीन फर्मों अनंत इंटर प्राइजेज, एमएस इंटर प्राइजेज तथा श्री बाला जी कांस्ट्रक्शन को खंड विकास अधिकारी ने भुगतान कर दिया। बताया जा रहा है कि नागरिक साइन बोर्ड स्वयं सहायता समूहों से आपूर्ति के निर्देश थे। इसका भी उल्लंघन किया गया। जांच में गबन का खुलासा होने पर कार्रवाई की गई है।
झंझरी में नागरिक सूचना बोर्ड के नाम पर फर्जी भुगतान के मामले में प्रशासन ने तेजी से कार्रवाई की। वहीं देर से एफआईआर दर्ज करने में माहिर नगर कोतवाली की टालमटोल की स्थिति इस मामले में सामने आई। बीडीओ झंझरी ओपी यादव ने थाने में तहरीर सुबह ही दे दी। इसके बाद भी शाम को कोतवाल पंकज सिंह ने बताया कि अभी वह व्यस्त हैं। एफआईआर लिखी जानी है, रात में दर्ज करेंगे। इस तरह प्रशासन देर शाम तक एफआईआर कॉपी का इंतजार करता रहा।
विकासखंड मुजेहना में अप्रैल 2021 से अब तक पंचायत भवन, आंगनबाड़ी केंद्र, सामुदायिक शौचालय, सीसी रोड, इंटर लाकिंग व पुलिया निर्माण में बड़ी गड़बड़ी का मामला सामने आ चुका है। इसकी भी जांच विभाग कर रहा है। ब्लॉक प्रभारी खंड विकास अधिकारी/सहायक अभियंता सरयू नहर खंड-2 सिंचाई विभाग मनोज के जवाब पर भी मंथन हो रहा है।
मुजेहना में 16 पंचायत भवनों के निर्माण की जांच कराई गई जिसमें बीडीओ ने जांच टीम को एक भी पत्रावली नहीं उपलब्ध कराई जबकि ब्लॉक मुजेहना में वित्तीय वर्ष 2021-22 में मनरेगा के तहत कुल 741 कार्यों को प्रारंभ कराया गया जिसके सापेक्ष श्रम व्यय में 674.96 लाख रुपये तथा सामग्री व्यय में 137.47 लाख रुपये सहित कुल 812.43 लाख रुपये की धनराशि का भुगतान किया गया है। इस मामले में भी देर-सबेर कार्रवाई तय मानी जा रही है।
झंझरी ब्लॉक में हुए घपले के मामले में फंसने पर अरुण सिंह से बेलसर बीडीओ का प्रभार हटा लिया गया है। उन्हें उनके मूल विभाग में वापस कर दिया गया है। इसी तरह पंडरीकृपाल के बीडीओ शेर बहादुर भी कार्रवाई के दायरे में आ गए हैं। उन्होंने श्रम व सामग्री अनुपात की अनदेखी कर भुगतान किया है। इससे उन्हें विकास भवन कार्यालय से संबद्ध किया गया है। उनसे पंडरीकृपाल का प्रभार हटा दिया गया है। इस तरह अन्य ब्लॉकों के बीडीओ पर निगरानी बढ़ा दी गई है।