गोंडा। बाराबंकी हादसे के बाद लोग सबक नहीं ले रहे हैं। परिवहन विभाग की सख्ती के बाद भी कामर्शियल, निजी व स्कूली वाहनों को मिलाकर 1900 वाहन अनफिट हैं। इसके बावजूद संचालन बंद नहीं हुआ है।
ये वाहन अभी भी सड़कों पर यमदूत बनकर दौड़ रहे हैं। बाराबंकी की तरह गोंडा में भी हादसे का एक हादसे इंतजार किया जा रहा है। अभी तक इन वाहनों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि संभागीय परिवहन विभाग ने वाहन चालकों को फिटनेस कराने को नोटिस भेजी है।
बस संचालकों के साथ ट्रांसपोर्टर अपने वाहनों की फिटनेस व रूट परमिट को लेकर सजग नहीं हैं। यात्री वाहनों व भारवाहक वाहनों के साथ स्कूली वाहनों के फिटनेस में भी लापरवाही बरती जा रही है।
बस आपरेटर भी बसों की फिटनेस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। खास बात यह है कि ये बसें 100-200 किलोमीटर नहीं बल्कि दिल्ली व लुधियाना तक 600 से अधिक किलोमीटर की दूरी हर रोज तय कर रही हैं। यात्रियों की जान का जोखिम बढ़ गया है। संभागीय परिवहन विभाग के साथ पुलिस महकमा वाहनों की चेकिंग का दावा तो करता है।
लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। बाराबंकी के एक हादसे ने संभागीय परिवहन विभाग के दावों की तो पोल खोल दी है। कई अफसर हादसे के बाद जांच के दायरे में आ गए हैं। सुधार के नाम पर जिले में अभी भी कामर्शियल, निजी व स्कूली वाहनों को मिलाकर 1900 अनफिट वाहन सड़कों पर यमदूत बनकर दौड़ रहे हैं।
बाराबंकी में सड़क हादसे में हुई 15 लोगों की मौत के बाद संभागीय परिवहन विभाग ने स्लीपर बसों के संचालन को लेकर सख्त रुख अपनाया है। संभागीय परिवहन अधिकारी ने स्लीपर बसों से हो रहे हादसे से सतर्कता के मद्देनजर मंडल के चारो जनपदों के संभागीय परिवहन अधिकारियों व यात्रीकर अधिकारियों को स्लीपर बसों की चेकिंग के निर्देश दिए हैं।
बता दें कि हाल में बाराबंकी में स्लीपर बस व ट्रक की भिड़ंत में 15 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 12 से अधिक लोग घायल हो गए थे। जांच में पता चला कि बस का न तो फिटनेस और न परमिट था।
हादसे के बाद संभागीय परिवहन अधिकारी उमाशंकर यादव ने सतर्कता के मद्देनजर मंडल के चारो जिलों के गोंडा, बहराइच, बलरामपुर व श्रावस्ती के सहायक संभागीय परिवहन अधिकारियों व यात्रीकर अधिकारियों को अभियान चलाकर स्लीपर बसों की चेकिंग के निर्देश दिए हैं। संभागीय परिवहन अधिकारी ने बताया कि मंगलवार से एक सप्ताह का अभियान चलाया जाएगा।
अभियान के दौरान स्लीपर बसों की सख्ती से चेकिंग कराई जाएगी। स्लीपर बसों के रजिस्ट्रेशन के साथ फिटनेस व रूट परमिट समेत सभी कागजात चेक किए जाएंगे। जिन बसों में निर्माता कंपनी से पास सीटों से अधिक सीटों के साथ संचालन होता पाया जाएगा।
उन बसों को सीज करने के साथ बस चालक व मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। संभागीय परिवहन अधिकारी ने बताया कि बहराइच के जरवल से नानापारा रूट पर स्लीपर बसों का संचालन काफी संख्या में किया जाता है। चारों बहराइच के सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी राजीव कुमार, यात्री कर अधिकारी महेश वर्मा व श्रावस्ती के यात्रीकर अधिकारी रनवीर सिंह चौहान को उधर से गुजरने वाली सभी स्लीपर बसों समेत अन्य वाहनों की चेकिंग के निर्देश दिए गए हैं।