राजकीय पालीटेक्निक कालेज में पढ़ने वाली अनुसूचित जाति की छात्राओं को अब आवासीय समस्या नहीं खलेगी। सरकार उन्हें रहने के लिए आशियाना उपलब्ध कराने जा रही है। केन्द्र सरकार के सहयोग से गाजीपुर सहित प्रदेश के दो जिलों में इस वर्ग की छात्राओं के लिए छात्रावास का निर्माण कराया जाएगा। एक करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले छात्रावास के लिए पहली किस्त स्वीकृत कर दी गई है।
छात्रों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार की तरफ से राजकीय पालीटेक्निक कालेजों की स्थापना की गई है। इसके तहत शहर से सटे अंधऊ के पास करीब साढ़े तीन दशक पहले कालेज की स्थापना की गई थी। कालेज में इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल एवं एग्रीकल्चर तीन ब्रांचों की तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। वर्तमान समय में प्रत्येक ब्रांच में 60-60 छात्रों सहित कुल 180 छात्र अध्ययनरत हैं।
इनमें छात्राओं की संख्या करीब 70 है। अनुसूचित जाति की छात्राओं को आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने छात्रावास का निर्माण कराने को स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस योजना में प्रदेश के दो जिलों का चयन किया गया है। गाजीपुर और शामली में केन्द्र सरकार के सहयोग से छात्रावास का निर्माण कराया जाएगा।
एक करोड़ की लागत से कालेज की 60 छात्राओं के लिए कालेज परिसर में आकर्षक छात्रावास बनवाया जाएगा। बताया गया है कि इसके लिए पहली किस्त के रूप में केन्द्र सरकार की तरफ से धनराशि भी स्वीकृत कर दी गई है।