गाजीपुर। जिले में साप्ताहिक बंदी बेअसर दिखाई दे रही है। स्थिति यह है कि दुकानदार धड़ल्ले से दुकान खोलकर संचालित कर रहे हैं। बाजारों में सोशल डिस्टेंसिंग की खुलकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। यही नहीं लोगों ने चेहरे पर मास्क लगाना भी छोड़ दिया है। जबकि अन्य प्रांतों एवं जिलों में संक्रमितों की संख्या में एक बार फिर वृद्धि होनी शुरू हो गई, बावजूद इसके एहतियात एवं सतक़ॱरता से लोगों ने मुंह मोड़ लिया है। इसके चलते एक बार फिर संक्रमण फैलने की आशंका गहरा रही है। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर ने जिले को दो माह तक ऐसा चपेट में लिया था कि संक्रमितों की संख्या में वृद्धि तो हो गई थी। संक्रमण को कम करने के लिए शासन की ओर से आंशिक कर्फ्यू लगाकर दुकानों को जहां बंद कर दिया गया था। वहीं जांच, दवा एवं वैक्सीनेशन को अभियान के रूप में संचालित किया गया, जिससे संक्रमण को कम किया जा सके। यही नहीं सप्ताह में पांच दिन शासन ने बाजारों को तो खोल दिया, लेकिन साफ-सफाई एवं संक्रमण कम करने के लिए शनिवार एवं रविवार को साप्ताहिक बंदी की गई थी। बावजूद इसके नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में इसका असर नहीं दिखाई दे रहा है। स्थिति यह है कि नगर के मिश्रबाजार, सकलेनाबाद, लंका, स्टेशन रोड, गोराबाजार, लालदरवाजा, रौजा सहित अन्य जगहों पर दो दिन धड़ल्ले से जहां बाजार खुले जा रहे हैं। वहीं लोगों का आवागमन भी पहले से ज्यादा हो रहा है। साथ ही बाजारों में आने वाले लोग चेहरे पर मास्क लगाने से भी कतरा रहे हैं।
दस हजार रुपये का वसूला गया शमन शुल्क
गाजीपुर। यातायात विभाग की ओर से रविवार को शहर के विभिन्न स्थानों पर चेकिंग अभियान चलाया गया। इसके तहत बिना मास्क एवं बिना हेलमेट के 72 लोगों से दस हजार रुपये का शमन शुल्क वसूला गया। साथ ही बिना कागजात, बिना सीट बेल्ट और वाहनों में अन्य कमियों के चलते छह हजार रुपये का चालान किया गया। यातायात प्रभारी अजय सिंह कसाना ने बताया कि अभियान लगातार चलता रहेगा।