समाजवादी रथ यात्रा के बहाने अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार पर जमकर सियासी तंज कसा। विजय यात्रा शुरू करने से पहले कहा कि उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार ने नौजवानों के सपनों को तोड़ने का काम किया है। चुनाव से पहले रोजगार, अच्छी शिक्षा, स्वास्थ्य और इलाज देने का वादा किया था लेकिन सभी सपनों को तोड़ दिया। हमारी सरकार बनी तो रोजगार, अच्छी शिक्षा और अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं देंगे।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे समाजवादी पार्टी की देन है। हमने इस एक्सप्रेस-वे से पूर्वांचल को तरक्की के रास्ते पर ले जाने का सपना देखा था। भाजपा सरकार ने हमारे शुरू किये कार्यों को पूरा करने में ही पांच साल बिता दिया। यह अभी अधूरा बना है।
हमारी सरकार बनी तो इस एक्सप्रेस-वे को और सुंदर बनाते हुए इसे बलिया और बिहार से जोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के किनारे कृषि मंडी बननी थी ताकि किसानों को अनाज की अच्छी कीमत मिल सके लेकिन यह कार्य पूरा नहीं हुआ। जनसभा में भीड़ को देख गदगद नजर आए।
समाजवादी विजय यात्रा का आगाज
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सपा मुखिया अखिलेश यादव और सुभासपा मुखिया ओमप्रकाश राजभर को एक साथ पाकर दोनों बड़े नेताओं के समर्थक और कार्यकर्ता उत्साहित नजर आए। दोनों नेता समर्थकों और कार्यकर्ताओं का अभिवादन करते रहे। ऐसा दृश्य गाजीपुर के पखनपुरा से लेकर मऊ की सीमा तक नजर आया।
पखनपुरा के बाद जनपद की सीमा तक बड़ी संख्या में पुरुष, महिला और बच्चों ने विजय रथ तक पहुंच कर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का स्वागत किया। यही नहीं जगह-जगह उनको उपहार, स्मृति चिह्न और समस्याओं से जुड़ा पत्रक दिया।
पखनपुरा से लेकर मऊ की सीमा तक 40 किलोमीटर तक रथ पर सवार अखिलेश यादव समर्थकों का अभिवादन करते रहे लेकिन किसी भी जगह उन्होंने संबोधित नहीं किया। इस दौरान ओमप्रकाश राजभर के समर्थक सपा समर्थकों से घुले मिले दिखे। इस दौरान सपा मुखाय ओमप्रकाश राजभर को सम्मान देते नजर आए जबकि ओमप्रकाश राजभर ने भी अखिलेश यादव को बड़े नेता के रूप में सम्मान देते दिखे।
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सपा मुखिया व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव चौथी विजय यात्रा शुरू करने के लिए पखनपुरा में तय समय से दो घंटे विलंब से पहुंचे। प्रोटोकॉल के अनुसार 11:30 बजे पखनपुरा स्थित हेलीपैड पर लैंड करना था लेकिन वे 1.10 बजे पहुंचे। अखिलेश यादव के साथ सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर और जनवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय चौहान भी थे।
जनसभा स्थल पर पहुंचते ही अखिलेश विजय रथ पर सवार हो गए। एक्सप्रेस-वे के बगल में कार्यक्रम स्थल के आसपास की जमीन उबड़-खाबड़ होने के कारण धक्का-मुक्की करते समर्थकों में कुछ असंतुलित होकर गिरते नजर आए। भीड़ के शोरगुल में अखिलेश यादव का संबोधन लोगों को सुनाई नहीं दे रहा था। इसकी जानकारी हुई तो अखिलेश ने रथ को 30 मीटर आगे बढ़ाया फिर भाषण शुरू किया।