कासिमाबाद। सुकहा गांव स्थित तालाब की मुख्य राजस्व अधिकारी की उपस्थिति में शनिवार को चौथी बार पैमाइश कराई गई। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद बार-बार की जा रही पैमाइश क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
सुकहा गांव स्थित तालाब की खुदाई और उसकी बार-बार पैमाइश लगातार चर्चा में हैं। उच्च न्यायालय के आदेश के क्रम में आराजी नंबर 176 में स्थित तालाब की खुदाई की गई थी। पैमाइश से लेकर खुदाई तक जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की उपस्थिति में हुई थी। इसके बाद पूरे तालाब की फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी के साथ उच्चाधिकारियों ने उच्च न्यायालय में नौ सितंबर को उपस्थित होकर तालाब को अतिक्रमणमुक्त करने के सभी प्रपत्र दाखिल किए थे। उस दिन न्यायालय ने पैमाइश एवं खुदाई से संतुष्ट न होकर कुछ बिंदुओं पर आपत्ति दर्ज करते हुए 20 सितंबर की तारीख दे दी थी। इसके बाद इस तालाब की पैमाइश के लिए तहसील के लेखपाल एवं राजस्व विभाग के अधिकारी याचिकाकर्ता को संतुष्ट करने में लगे थे। मुख्य राजस्व अधिकारी और एसडीएम सेवराई रमेश मौर्या के नेतृत्व में सेवराई एवं सदर तहसील के साथ चकबंदी के दर्जनों लेखपाल और कानूनगो के साथ सुकहा गांव स्थित तालाब की पैमाइश की गई। इस बार पैमाइश धरवार कला गांव स्थित पत्थर से किया गया। इस बार की पैमाइश में याचिकाकर्ता को संतुष्ट करने के लिए पैमाइश के समय साथ रखा गया था। पैमाइश में मुख्य राजस्व अधिकारी सुशील कुमार श्रीवास्तव, उपजिलाधिकारी सेवराई रमेश मौर्य, एसओसी शशिकांत शुक्ला, तहसीलदार सदर मुकेश सिंह, चकबंदी अधिकारी अशोक मोहन श्रीवास्तव, एजाज अहमद के साथ दर्जनों लेखपाल और कानूनगो मौजूद रहे।