गाजीपुर। लगातार तीन-चार दिनों की बारिश का साइड इफेक्ट दिखने लगा है। शुक्रवार रात से लेकर शनिवार सुबह तक अलग-अलग क्षेत्रों में छह कच्चे मकान गिर गए। इससे जहां गृहस्थी के सामान नष्ट हो गए, वहीं गरीब परिवार खुले आसमान के नीचे आ गए। लेखपाल ने क्षतिपूर्ति का आकलन करने के बाद रिपोर्ट तहसील के अधिकारियों को सौंप दी।
सुहवल: गौरा गांव की दलित बस्ती में सुबह करीब नौ बजे चार लोगों के कच्चे खपरैल के रिहायशी मकान एक-एक कर भरभरा कर गिर गए। ग्राम प्रधान अरुंधती राय और हलका लेखपाल बलिराम कृष्ण यादव ने क्षति का आंकलन कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी। बस्ती निवासी पार्वती ने बताया कि चारों घरों की महिलाएं अपने-अपने मकान में भोजन बनाने की तैयारी कर रही थीं। इसी दौरान अचानक सुषमा के घर से तेज आवाज आई। मौके पर पहुंचकर देखा तो मकान पूरी तरह धराशायी हो चुका था। उसमें फंसे परिजनों को बाहर निकाला जा रहा था कि तब तक सुमन, बिंदु और पार्वती के मकान भी गिर गए। संयोग था कि लोग बच गए। हादसे में घर गृहस्थी के सामान क्षतिग्रस्त हो गए। जमानिया तहसीलदार घनश्याम ने बताया कि कच्चे मकान गिरने की सूचना मिली है। मौके पर लेखपाल को भेजा गया है। मनिहारी: विकास खंड के समोगर गांव निवासी सुरेंद्र राजभर एवं लालजी राजभर के कच्चा मकान शनिवार की रात गिर गए। उस समय घर के अंदर कोई नहीं था। ग्राम प्रधान यशवंत राजभर ने बताया कि लेखपाल को सूचना दी गई है।