दुबिहा। बाराचवर विकासखंड के दुबिहा गांव में बने पशु सेवा केंद्र पर चिकित्सकीय सुविधाएं नदारद हैं। करीब पांच वर्षों से यहां चिकित्सक की तैनाती नहीं होने से पशुओं को होने वाली बीमारियों का इलाज नहीं होने से पशुपालकों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। इसको लेकर पशुपालकों द्वारा कई बार शिकायत की गई इसके बावजूद अब तक पशु चिकित्सक की तैनाती नहीं हो सकी है।
करीब चार दशक पहले लाखों की लागत से दुबिहा में पशु सेवा केंद्र का निर्माण हुआ था। तब से पशु सेवा केंद्र पर पशुओं के टीकाकरण, गर्भाधान और इलाज की व्यवस्था थी। चार वर्ष पूर्व पशु चिकित्सक के सेवानिवृत्त हो जाने के बाद अब तक किसी चिकित्सक की तैनाती नहीं हो सकी है। धीरे-धीरे इस केंद्र से जिम्मेदार अधिकारी का ध्यान हटता गया और यह केंद्र बदहाल हो गया। स्थिति यह है कि भवन जर्जर होकर गिर रहा है और दीवार टूट चुकी है। खिड़की और दरवाजे क्षतिग्रस्त हो गए हैं। बरसात का पानी जमा होने से परिसर तालाब में परिवर्तित हो गया है। यही नहीं परिसर पर लोगों का अतिक्रमण भी हो रहा है। गांव निवासी अजय कुमार ने बताया कि पशु सेवा केंद्र की हालत खराब हो गई है। इस पर तैनात चिकित्सक के सेवानिवृत्त हो जाने से इसकी देख भाल करने वाला भी कोई नहीं है। इस संबंध में करीमुद्दीनपुर के पशु चिकित्सक डा. संतोष गिरी ने बताया की पशु सेवा केंद्र को अनुपयोगी घोषित करने के लिए लोक निर्माण विभाग को पत्र भेज जा चुका है।