जिले की सीमा पर बिहार प्रांत के चौसा में 11 हजार करोड़ की लागत से बन रहे 1320 मेगावाट थर्मल पावर प्लांट का लाभ जिले के सीमावर्ती गांवों को भी मिलेगा। इस बिजली संयंत्र परियोजना का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। बिजली उत्पादन के टरबाइन को घुमाने के लिए गंगा के पानी का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे करीब 8 किलोमीटर के परिधि में आने वाले गांवों को 24 घंटे बिजली सहित अन्य सुविधाएं मिलेंगी।
इससे गाजीपुर के भतौरा, मगरखाई, हरकर्णपुर दलपतपुर, कुतुबपुर, करोबीर, भटपुरवा और बारा गांव लाभान्वित होंगे। इस परियोजना तहत बिजली उत्पादन करने वाली टरबाइन का निर्माण किया जा रहा है। टरबाइन तक गंगा का पानी पहुंचाने के लिए करीब 5 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाई जाएगी। पाइप लाइन बिछाने के लिए सर्वे की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। भूमि खरीद व अधिग्रहण का कार्य शुरु है।
इस प्लांट के आस पास बारा सहित भतौरा व मगरखाई के काश्तकारों की जमीन है, जिन्हें इसका लाभ मिल सकता है। 1320 मेगा वाट के थर्मल पावर प्लांट में वर्ष 2023 तक 660 मेगावाट की एक यूनिट बिजली का उत्पादन करने का लक्ष्य तय किया गया। इसका लाभ 5 किलोमीटर के दायरे में आने वाले जिले के लोगों को मुफ्त बिजली का मिलेगा। इसके अतिरिक्त 8 किमी के दायरे में सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ 24 घंटे मिलेगा।