शादियाबाद थाना क्षेत्र के खुटवां गांव निवासी सेना के जवान की तीन दिन पूर्व लद्दाख के देवांग बार्डर पर हृदय गति रुकने से मौत हो गई थी। सोमवार को जवान का पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचते ही कोहराम मच गया। जवान के अंतिम दर्शन के लोगों की भीड़ उमड़ी पड़ी। सहकारिता राज्यमंत्री डॉ. संगीता बलवंत ने श्रद्धांजलि अर्पित की और परिजनों को ढांढस बंधाया।
खुटवां गांव निवासी ओमप्रकाश बिंद (38) तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। वह वर्ष 2004 में सेना में भर्ती हुए थे। कुछ दिन पूर्व ही उनकी तैनाती नागपुर से लद्दाख के देवांग बार्डर पर हुई थी। बीते आठ अक्टूबर को सीमा की सुरक्षा करते समय हृदय गति रुकने से उनकी मौत हो गई। इनके दो बड़े भाई गांव में ही रहकर खेती किसानी का काम करते हैं। वह बीते मार्च माह में मां लचिया देवी के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए गांव आए थे। सेना के जवान ओमप्रकाश अपनी पत्नी सुमन और पुत्र ललित एवं सत्यम के साथ नागपुर में ही थे। दोनों बच्चे वहीं रहकर पढ़ाई करते थे। पार्थिव शरीर के सुबह 10 बजे पहुंचते ही कोहराम मच गया। परिजनों के रोने-बिलखने से सन्नाटा पसरा रहा है। वहीं सपूत के अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। पैतृक गांव पार्थिव शरीर पहुंचने से पहले जगह-जगह लोग श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ युवाओं का हुजूम बढ़ता जा रहा था। इधर सुबह से ही गांव में कई थानों की पुलिस टीम सैदपुर एसडीएम, जखनिया एसडीएम एवं सीओ सैदपुर मौजूद थी। इधर सहकारिता राज्यमंत्री डा. संगीता बलवंत एवं भाजपा जिलाध्यक्ष भानू प्रताप सिंह ने पहुंचकर सेना के जवान को श्रद्धांजली दी। मेजर हर्ष मिश्रा के नेतृत्व में आए सेना के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर और सलामी दी। चोचकपुर घाट पर पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार हुआ।