गाजीपुर। सैदपुर के वार्ड संख्या तीन में बिना पंजीकरण के चल रहे एक निजी अस्पताल की जांच सोमवार को एसीएमओ की टीम ने की। इस दौरान चिकित्सक एवं पैरामेडिकल स्टाफ नहीं मिले जबकि तीन मरीज भर्ती मिले। मरीजों को 108 एंबुलेंस से सीएचसी सैदपुर भेजा गया। इस दौरान टीम ने सर्जरी के चिकित्सकीय उपकरणों को सील कर पुलिस के सुपुर्द कर दिया। साथ ही निजी अस्पताल के अज्ञात संचालक एवं चिकित्सक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।
बिना पंजीकरण के संचालित निजी अस्पतालों में फंसकर इलाज कराने वाले लोगों की जान का खतरा बना रहता है। साथ ही मरीजों का आर्थिक शोषण किया जाता है। इसकी शिकायत पर एसीएमओ व नोडल अधिकारी निजी चिकित्सालय पंजीयन डॉ. पीके कुशवाहा के नेतृत्व में टीम सैदपुर नगर के वार्ड नंबर तीन स्थित निजी अस्पताल में पहुंची। जांच के दौरान इस अस्पताल में तीन मरीज मिले। टीम ने उनसे चिकित्सक एवं पैरामेडिकल स्टाफ की जानकारी ली लेकिन कुछ भी पता नहीं चल सका। टीम ने आसपास के घरों में रह रहे लोगों से भी अस्पताल के संचालक एवं डाक्टर के बारे में पूछताछ की लेकिन कुछ भी पता नहीं चला। इसके बाद टीम के सदस्यों ने जब अस्पताल का निरीक्षण किया तो शल्य कक्ष मिला, जिसमें सर्जरी के चिकित्सकीय औजार बरामद हुए। नोडल अधिकारी के निर्देश पर टीम ने सर्जरी के चिकित्सकीय उपकरणों को सील कर उन्हें पुलिस को सुपुर्द कर दिया। साथ ही निजी अस्पताल के अज्ञात संचालक एवं डाक्टर के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया। इस संबंध में नोडल व एसीएमओ डॉ. पीके कुशवाहा ने बताया कि बिना पंजीयन के अवैध रूप से संचालित अस्पताल की शिकायत मिल रही थी। जांच करने के साथ कार्रवाई की गई है। साथ ही मुकदमा दर्ज कराया गया है।