बहुचर्चित देवकली पंप कैनाल लूटकांड के आरोपित बृजेश सिंह, त्रिभुवन सिंह व विजयशंकर सिंह के विरुद्ध 32 वर्ष बाद सरफराज अंसारी ने शनिवार को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी शरद कुमार चौधरी की अदालत में गवाही दी। वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी भैया लाल ने सरफराज का बयान दर्ज कराया। वहीं जिरह के लिए अगली तिथि चार जून नियत की गई है।
तीन दिसंबर 1990 को सुबह सरफराज अंसारी सैदपुर इलाके में नहर में निर्माण करा रहा था। आरोप है कि तब तक एक नीली मारुति से आरोपित त्रिभुवन सिंह, विजयशंकर सिंह व बृजेश सिंह व राइफल से लैस दो अज्ञात व्यक्ति गए और सरफराज को पकड़कर मारने-पीटने लगे। सरफराज के बैग में रखे रुपये छीन लिए और दहशत पैदा करके मजदूरों को भगा दिए। इसके बाद साइट पर खड़ी ट्रक के टायर में गोली मार कर टायर को फाड़ दिए। उसके सहयोगी को भी थप्पड़ मार कर भगा दिए। सरफराज की सूचना पर सैदपुर थाने में आरोपितों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ। इसी मुकदमे में शनिवार को सरफराज ने अपना बयान न्यायालय में दर्ज कराया। अधिवक्ताओं के हड़ताल पर होने के कारण सरफराज अंसारी की जिरह नहीं हो पाई। जिरह के लिए चार जून की तिथि नियत की गई है।