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मेडिकल के छात्र शिशिर के परिजनों की अटकी हुई है सांसें

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यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद वहां फंसे क्षेत्र के मेडिकल के छात्र शिशिर पांडेय के परिवार की धड़कने बढ़ गई हैं। हमले के बाद वहां हॉस्टल में कैद सैकड़ों छात्रों को अब वतन लौटने का इंतजार है। वह इसके लिए लगातार भारतीय दूतावास से संपर्क बनाए हुए हैं। शिशिर ने अपने परिजनों से बातचीत कर वहां के घटनाक्रम की जानकारी दी है।
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दुल्लहपुर थाना क्षेत्र के देवा गांव निवासी शिशिर पांडेय (23 वर्ष) पुत्र सुभाषचंद्र पांडेय इन दिनों यूक्रेन की राजधानी कीव स्थित ओओ बोगो मेलेट नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस पांचवीं वर्ष का छात्र है। यहां पर एमबीबीएस का कोर्स छह वर्ष का होता है। इसमें एमडी हो जाती है। यूक्रेन में चल रहे घटनाक्रम के बीच उनके साथ के सैकड़ों भारतीय छात्र देश लौटने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं। शिशिर का एयर टिकट 12 मार्च का मिल पाया है। उसकी मां अध्यापिका निर्मला पांडेय सहित सभी परिजन भयभीत हैं। अमर उजाला की टीम के पहुंचने पर परिजन यूक्रेन के हालात की जानकारी टीवी पर लेते दिखे। उनकी अपने बेटे से टेलीफोन से लगातार बातचीत हो रही है। इसमें शिशिर ने बताया कि आज सुबह 5:30 बजे बम धमाके की खबर मिली है, जिसके चलते सरकार ने इमरजेंसी लगा दी है। लोगों से कहा गया है कि अपने सामान खरीद कर रख लें और पासपोर्ट भी अपने पास रखें। जैसे ही निर्देश मिलेगा तभी लोग बाहर निकलेंगे। उसने बताया कि सुपर मार्केट बंद हो चुकी है। एटीएम पर लंबी-लंबी कतार लगी हुई है। सड़कों पर वाहनों की कतार लगी हुई है। लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। परिजनों ने आज शिशिर से कई बार बात की और उसकी सकुशल वापसी के लिए प्रार्थना की। शिशिर ने बताया कि उसका दोस्त आशीष बिहार का रहने वाला है जबकि वैदेही महाराष्ट्र की रहने वाली है। और छात्र भी हॉस्टल में मौजूद हैं। घर जाने के लिए सरकार के निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं। शिशिर कोविड-19 से हुए लॉकडाउन में जुलाई 2021 में घर आया था। रक्षाबंधन के बाद अगस्त में यहां से यूक्रेन के लिए रवाना हुआ था। उसकी मां निर्मला पांडेय ने प्रधानमंत्री से अपने बेटे सहित जितने भी भारत के लोग वहां फंसे हैं सबकी सकुशल वापसी की अपील की है। तीन भाई-बहन में शिशिर सबसे बड़े हैं। उनसे छोटी उनकी बहन शुभ्रा पांडेय वाराणसी में रहकर तैयारी कर रही है जबकि छोटा भाई शरद घर पर रहकर पढ़ाई करता है।
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