सादात थाना क्षेत्र के बरवांखुर्द गांव में तीन दिन पूर्व तिलकोत्सव कार्यक्रम के दौरान आर्केस्ट्रा में गाने की फरमाइश और इनाम देने को लेकर हुए विवाद में युवक की लाठी-डंडे से पीटकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने रविवार को बरवांकला मोड़ से दो नामजद आरोपियों के साथ विवेचना में एक और आरोपी का नाम प्रकाश में आने पर गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के बाद उसका चालान कर दिया गया। जबकि एक आरोपी अभी फरार है। उसे पकड़ने के लिए पुलिस संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
बीते 19 मई की रात सादात क्षेत्र के बरवांखुर्द गांव निवासी शिवमूरत राजभर के पुत्र मनीष का तिलकोत्सव समारोह था। इसमें मनोरंजन के लिए आर्केस्ट्रा का कार्यक्रम चल रहा था। इस दौरान चारपाई पर बैठकर डांसर को इनाम देने और गाने की फरमाइश को लेकर दो पक्षों में पहले कहासुनी हुई थी, जिससे ग्रामीणों ने समझा-बुझाकर शांत करा दिया था। देर रात बरवाकलां के मनबढ़ युवक पहुंचे और शादियाबाद थाना क्षेत्र के कादीपुर निवासी अनिल यादव (35) की पीटकर हत्या कर दी थी। मृतक के पिता देवेंद्रनाथ यादव ने तहरीर देकर बरवां कला निवासी दो सगे भाइयों आसिफ उर्फ गोलू और सद्दाम के साथ ही गांववासी दिलावर को नामजद करते हुए अन्य अज्ञात हमलावरों के खिलाफ केस दर्ज कराया था। एसपी के निर्देश पर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए बनी तीन टीम आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। सुबह करीब 7.30 बजे बरवां कला मोड़ के पास एक ही बाइक पर सवार लोग जाते दिखाई दिए। बाइक पर सवार नामजद आरोपियों को देख पुलिस ने पीछा किया। कुछ ही दूरी पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। थानाध्यक्ष प्रवीण यादव ने बताया कि गिरफ्तार हत्यारोपियों में आसिफ उर्फ गोलू और दिलावर है। इनके साथ तीसरा आरोपी फरियाद भी पकड़ा गया। इसे पुलिस ने विवेचना के बाद प्रकाश में लाया था। इसने ही सबसे पहले झगड़े की शुरुआत की थी। गिरफ्तार आरोपियों का संबंधित धाराओं में चालान कर दिया गया। तीसरे नामजद आरोपी सद्दाम की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। उसे भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।