गाजीपुर। परिषदीय और माध्यमिक स्कूलों में कक्षा-आठ तक के छात्र-छात्राओं को गरमा-गरम भोजन बनाकर परोसने वाली रसोइयों को अब एप्रन एवं ग्लव्स पहनना होगा। बच्चों को संक्रमण से बचाने तथा स्वच्छता के मद्देनजर शासन की ओर से की गई इस अनूठी पहल के तहत दोनों सामानों की खरीद के लिए प्रति रसोइया निर्धारित धनराशि जिले को उपलब्ध करा दी गई है।
प्राथमिक शिक्षा में गुणात्मक सुधार लाने तथा बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन कराने एवं उनका ठहराव सुनिश्चित करने के लिए सरकार की ओर से कई प्रोत्साहन योजनाएं चलाई जा रही है। इस प्रोत्साहन योजना में शामिल मध्यान्ह भोजन योजना के तहत बच्चों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए परिषदीय विद्यालयों में रसोइया नियुक्त की गई हैं। बच्चों को संक्रमण से बचाने तथा स्वच्छतापूर्ण माहौल में खाना बनाने के उद्देश्य से रसोइयों को अब एप्रन एवं ग्लव्स पहनना जरूरी होगा। अभी तक इनके पास न तो कोई ड्रेस थी और न ही किसी तरह की कोई अन्य व्यवस्था थी लेकिन अब भोजन पकाने के समय रसोइयों को एप्रन एवं ग्लव्स पहनना जरूरी कर दिया गया। जिले में कुल 2269 परिषदीय विद्यालय हैं। इनमें 1468 प्राथमिक, 449 कंपोजिट तथा 352 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। यहां करीब 33 सौ रसोईयां नियुक्त हैं। इस संबंध में जिला बेसिक शिक्षाधिकारी हेमंत राव ने बताया कि उक्त दोनों सामान की खरीद के लिए प्रति रसोइया निर्धारित धनराशि जिले को उपलब्ध करा दी गई है। इस संबंध में सभी प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया गया है। इसमें किसी तरह की लापरवाही अक्षम्य होगी।
मौखिक परीक्षा कल
गाजीपुर। राजकीय महिला पीजी कॉलेज के एमए द्वितीय वर्ष (अर्थशास्त्र) सत्र 2020-21 की मौखिक परीक्षा 23 अगस्त को होगी। अर्थशास्त्र विभाग के प्रभारी डॉ. हरेंद्र सिंह के अनुसार सभी छात्राएं अपने प्रवेश पत्र, मास्क और सेनेटाइजर के साथ कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सुबह 10 बजे विभाग के सामने उपस्थित होना सुनिश्चित करें।