सेवराई स्थित परेमन शाह के पोखरे पर छठ पूजा करने के लिए एक मुस्लिम महिला भी पहुंची। सेवराई के वार्ड संख्या-आठ निवासी मैनुद्दीन हवारी की पुत्री असगरी खातून ने बताया कि वह छठ व्रत है। उसने उगते हुए सूर्य को अर्घ्य भी दिया।
असगरी की शादी करीब छह वर्ष पूर्व रामगढ़ बिहार के पैकवली गांव निवासी तसव्वर हवारी के पुत्र ओजीर हवारी के साथ हुई। शादी के बाद हर मां की तरह असगरी को भी पुत्र प्राप्ति की इच्छा थी लेकिन दो बेटियों शबनम (4) और सिमरन (3) के पैदा होने के बाद असगरी की उम्मीद टूटती हुई नजर आई। फिर किसी ने छठ पूजा के माहात्म्य के बारे में असगरी को बताया। इसके बाद असगरी ने जाति, धर्म को दरकिनार कर यह संकल्प लिया कि अगर पुत्र की प्राप्ति होती है तो वह पूरे विधि-विधान से छठ पूजा करेगी। इसके कुछ ही समय बाद असगरी को पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई। अपने लिए संकल्प के अनुसार असगरी ने छठ पूजा का कठिन व्रत करने का फैसला लिया लेकिन कोरोना संक्रमण की वजह से पिछले वर्ष छठ पूजा नहीं हो पाई। इस वर्ष असगरी ने विधि-विधान पूर्वक चार दिनों का कठिन व्रत रखकर भगवान सूर्य की उपासना की। अन्य महिलाओं की तरह ही परिवार के लोगों के साथ धूमधाम से आस्था के इस महापर्व को पूरा किया।