महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय को बिजली सुविधा उपलब्ध कराने में फरवरी मध्य तक का समय लग सकता है। क्योंकि 132 केबी अंधऊ बिजली घर से कॉलेज तक 45 फीसदी ही केबल बिछाने का काम हुआ है। वहीं दूसरी ओर, मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के लिए 19 जनवरी से काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू हो रही है और फरवरी में ही एमबीबीएस के छात्रों को प्रवेश दिलाकर पढ़ाई शुरू कराने की तैयारी है।
ऐसे में नव निर्मित मेडिकल कॉलेज के लिए बिजली आपूर्ति मायने रखती है। हॉस्टल, लैब, क्लास और मेस में 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना होगा। बिजली विभाग का कहना है कि केबल बिछाने में फिलहाल, भूतहिया टाड़ रेलवे क्रासिंग आड़े आ रहा है। जिसको लेकर सर्वे हो गया है। रेलवे को इसकी रिपोर्ट भी सौंप दी गई है। जल्द ही क्रासिंग को पार करते हुए केबल बिछाई जाएगी। फरवरी के मध्य तक मेडिकल कॉलेज तक केबल बिछाने का काम हो जाएगा। जिसके साथ कॉलेज परिसर में बिजली आपूर्ति बहाल हो जाएगी।
बिजली कनेक्शन में देरी को लेकर बिजली विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मेडिकल कॉलेज को पहले 220 केबी महाराजगंज से बिजली आपूर्ति की बात चल रही थी, लेकिन बाद में 132 केबी अंधऊ बिजली घर से सप्लाई देने की योजना पर मुहर लगी। जिससे दूरी भी बढ़ गई और टेंडर प्रक्रिया में समय भी लगा। नवंबर में टेंडर हो गया था। कुल 9.20 करोड़ रुपये का भुगतान करना था। जिसमें से अभी करीब 70 फीसदी धनराशि का भुगतान हो गया है। कॉलेज प्रशासन की ओर से शेष धनराशि का भुगतान दो-तीन दिन में करने की बात की गई है।