दो गज की दूरी, मास्क है जरूरी स्लोगन को आमजन जैसे अब भूल चुके हैं। स्थिति यह है कि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना तो दूर चेहरे पर मास्क भी नहीं दिख रहा है। बाजार, स्टेशन और सार्वजनिक स्थानों पर गाइडलाइन का पालन नहीं हो रहा है। जबकि जनपद में कोरोना संक्रमण ने रफ्तार पकड़नी शुरू कर दी है, दो दिन के अंदर सक्रिय मरीजों की संख्या 23 हो चुकी है। इधर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आने के साथ टीकाकरण एवं जांच का दायरा बढ़ाने के साथ संक्रमण फैलाव पर अंकुश लगाने का प्रयास कर रहा है।
नगर के मिश्रबाजार, महुआबाग, लालदरवाजा, लंका, रौजा, रेलवे स्टेशन, रोडवेज बस स्टैंड के अलावा निजी और सरकारी दफ्तरों में भी लोग मास्क नहीं लगा रहे हैं। कोविड प्रोटोकॉल का भी पालन नहीं किया जा रहा है। बाजारों में भी भीड़ जस की तस हो रही है, लोग बिना मास्क के ही इधर- उधर घूमते दिखाई पड़ रहे हैं। कमोवेश यही हाल ग्रामीण इलाकों का भी है। यहां तो ऐसा लग रहा है कि कोरोना संक्रमण का कोई मतलब ही नहीं रह गया है। भीड़-भाड़ इलाकों में लोग बिना मास्क के देखे जा रहे हैं, जिससे संक्रमण फैलाव का खतरा बना हुआ है। सक्रिय मरीजों की संख्या 23, ओमिक्रॉन की हुई जांच
जिले में कोरोना सक्रिय मरीजों की संख्या मात्र दो दिनों में 23 पहुंच गई है। ऐसे में इन संक्रमितों के ओमिक्रॉन की जांच भी बीएचयू में भी गई है। हालांकि अब तक किसी में ओमिक्रॉन के लक्षण नहीं पाए गए हैं, लेकिन संक्रमण के बढ़ते दायरे ने एक बार फिर जनपद को अपने चपेट में लेना शुरू कर दिया है। ऐसे में एहतियात एवं सतर्कता ी जरूरी है।
एलवन प्लस अस्पताल सक्रिय
कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जनपद के चार एलवन प्लस अस्पताल को सक्रिय कर दिया है। इसमें मुहम्मदाबाद, भदौरा, सैदपुर, मनिहारी और बरूईन शामिल है। इन एलवन प्लस अस्पतालों में मरीजों के आने के बाद तत्काल उपचार के लिए दवा एवं जांच की पूरी व्यवस्था भी की गई है, जिससे किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े। साथ ही सात निजी अस्पतालों को पूर्व के भांति तैयार रहने का निर्देश जारी किया है, जिससे किसी किसी भी विषम परिस्थितियों से निपटा जा सके।
कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए प्रोटोकॉल का पालन जरूरी है। संक्रमण धीरे-धीरे बढ़ रहा है। ऐसे में एहतियात और सतर्कता काफी जरूरी है। हालांकि अब आमजनों द्वारा इसका पालन नहीं किया जा रहा है, जो ठीक नहीं है। कोविड प्रोटोकॉल का पालन जरूरी है। - डा. उमेश कुमार, एसीएमओ नोडल कोरोना महामारी