इस मामले में अभियोजन और बचाव पक्ष की ओर से एमपी-एमएलए कोर्ट में बहस पूरी हो चुकी है। फैसला 27 जुलाई को ही आना था लेकिन एमपी-एमएलए कोर्ट अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर चार दुर्गेश का स्थानांतरण हो गया। हालांकि उच्च न्यायालय के आदेश पर वहीं, एमपी-एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश बनाए गए।