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Ghazipur News: 17 के मूल अंकपत्र, 29 अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र की ले चुके थे छायाप्रति

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गाजीपुर। पुलिस भर्ती परीक्षा में गिरफ्तार किए गए साल्वर गिरोह के सदस्यों ने बड़े पैमाने पर लोगों को अपने झांसे में लिया था। पुलिस के अनुसार आरोपियों की 28-29 लोगों से डील हो चुकी थी। आरोपियों के पास से 17 अंक पत्र और 29 अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र की छायाप्रति भी बरामद हुई है।
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पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह के मुताबिक आरोपियों के पास से 6 लाख रुपये नकद और 21 लाख रुपये का चेक बरामद हुआ है। पूछताछ में यह बात सामने आई कि 28-29 लोग उनके संपर्क में आ गए थे, जो अपनी बात बनाने के लिए एक-एक लाख रुपये भी एडवांस दे चुके थे।
पुलिस भर्ती में उत्तीर्ण कराने का विश्वास दिलाने वालों की बातों से एक अभ्यर्थी को शक हो गया, जिसने इसकी पूरी कहानी पुलिस को बताई, जिसके बाद पुलिस सक्रिय हुई और गिरोह का भंडाफोड़ किया।
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पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गिरोह के सदस्यों का पूर्वाचल में नेटवर्क है। गिरफ्तार किए गए लोगों को यह पता नहीं था कि उनकी किससे सेटिंग हो चुकी है, क्योंकि पूरा खेल व्यवस्थित तरीके से चल रहा था। ये लोग नोनहरा नोनहरा थाना क्षेत्र में आबादी से कटे हुए हुए मिरदादपुर इलाके में एक किराये पर घर लिए थे। जहां वे प्रिंटिंग मशीन और वाईफाई राउंटर आदि लगाए थे। इनके पास से एक चार पहिया वाहन, तीन बाइक भी मिली है, जिसकी मदद से ये कहीं आते-जाते थे।
पांच थे बेरोजगार, तीन कर रहे थे नौकरी

गाजीपुर। गिरफ्तार किए गए साल्वर गिरोह के सदस्यों की उम्र 22 से 35 वर्ष के बीच है। इनमें पांच बेरोजार हैं तो तीन नौकरी करने की बात कह रही थी, जिसमें गिरोह का मास्टर माइंड खुद को भारतीय तटरक्षक बता रहा था। साथ ही अपनी तैनाती स्थल पोरबंदर बता रहा था। वहीं, पुलिस नौकरी करने वाले आरोपियों की सच्चाई पता लगाकर उनके खिलाफ संबंधित विभाग के स्तर से भी कार्रवाई करने की बात कह रही है।
पुलिस के मुताबिक इस गिरोह का सरगना शहर कोतवाली क्षेत्र के खिदिराबाद गांव का निवासी 29 वर्षीय पिंटू यादव उर्फ गोपेश यादव उर्फ नीरज यादव उर्फ मास्टर उर्फ सिपाही है, जो खुद को भारतीय तटतरक्ष बता रहा था और पोरबंदर में तैनाती स्थल। इसी तरह 28 वर्षीय नोनहरा थाना क्षेत्र के खुर्दपुर गांव निवासी सोनू यादव भी खुद को भारतीय तटतरक्ष बता रहा था और पोरबंदर में तैनाती स्थल ही बता रहा था। जबकि इसी 34 वर्षीय कपिल देव सिंह खुद को आर्मी से जुड़े होने की बात कह रहा था।

उसने पुलिस को अपना पता ग्राम पीथापुर थाना जंगीपुर और हाल पता ग्राम मिरदादपुर थाना नोनहरा बताया है। जबकि नोनहरा थाना क्षेत्र के रसूलपुर कन्थवारा निवासी 28 वर्षीय रामकरन यादव, नगवा उर्फ नौपुरा निवासी 22 वर्षीय अमित यादव, 33 वर्षीय सहबाजकुली गांव निवासी रमाकांत यादव, शहर कोतवाली क्षेत्र के लोकवापुर (अन्धऊ) निवासी 25 वर्षीय अभिमन्यु यादव और 25 वर्षीय इंद्रजीत यादव निवासी ग्राम वार्ड नं0-04 गुरु सेवक नगर थाना जंगीपुर बेरोजगार थे। वे शार्टकट तरीके से पैरा कमाने के चक्कर में इस गिरोह के सदस्य बन बैठ। हालांकि अभी आरोपियों से पुलिस और पूछताछ करेगी। पुलिस अधीक्षक का कहना है कि जिन आरोपियों ने नौकरी करने की बात कही है, सच्चाई का पता लगाकर उनके विभाग को भी सूचित किया जाएगा और संबंधित विभागीय से भी कार्रवाई कराई जाएगी।
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