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Ghazipur News: फोटो-38 को मिला मौके पर न्याय, 343 लौटे मायूस

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संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन शनिवार को जनपद की सभी तहसीलों में हुआ। 381 लोगों ने प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन मौके पर 38 का ही समाधान हुआ। जबकि शेष 343 फरियादी मायूस होकर लौट गए। हालांकि अधिकारियों ने आश्वासन जरूर दिया कि समस्याओं का समाधान जल्द कर दिया जाएगा।
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तहसील कासिमाबाद में फरियाद सुनने के लिए जिलाधिकारी आर्यका अखौरी और पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह पहंुचे। 126 शिकायती प्रार्थना प्राप्त अधिकारियों के समक्ष पहुंचे, जिनमें ज्यादातर राजस्व विभाग और पुलिस विभाग से जुड़े थे। मौके पर अधिकारियों ने 11 प्रार्थना पत्रों का निस्तारण किया। शेष 115 फरियादियों को जल्द ही समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया। मायूस लौटने वालों में कई ऐसे थे, जो कई बार से संपूर्ण समाधान दिवस का चक्कर लगा चुके हैं। यही स्थिति सदर समेत अन्य तहसीलों की रही। हालांकि जिलाधिकारी ने संपूर्ण समाधान दिवस में प्राप्त शिकायत/प्रार्थना पत्रों का संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि अविलंब मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण करते हुए निस्तारण कराना सुनिश्चित करें।

संपूर्ण समाधान दिवस में जोड़ - - - -

देवरिया की घटना को लेकर गंभीर दिखे अधिकारी
कासिमाबाद। देवरिया जनपद के रुद्रपुर में भूमि विवाद के कारण दो पक्षों के कुल 6 लोगों की मौत के इस बड़ी घटना से यहां के अधिकारी भी काफी सतर्क दिखे। शनिवार को आयोजित मुख्य समाधान दिवस में जिलाधिकारी से लेकर सभी वरिष्ठ अधिकारी फरियादियों की शिकायतों को काफी गंभीरता से सुन रहे थे। बहरामपुर की पूनम देवी अपनी जमीन पर दूसरे पट्टीदारों द्वारा कब्जा किए जाने का मामला उठाते हुए जब रो-रो कर बताने लगी तो जिलाधिकारी इसे तत्काल कब्ज हटवाने का निर्देश एसडीएम को दिया। इसी तरह के कई मामले आए जिसे जिलाधिकारी ने काफी गंभीरता से लिया। लोगों का मानना है कि अगर अधिकारी ईमानदारी से मौके पर जाकर समस्याओं का निस्तारण कर दें तो मुख्य समाधान दिवस पर लोगों की लगने वाली भीड़ समाप्त हो जाती।
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मेरे जमीन पर पट्टीदार जबरदस्ती कब्जा किए हैं। इसकी शिकायत डीएम से लेकर एसडीएम तक कर चुकी हूं। एसडीएम मौके पर जाकर अतिक्रमण हटवा दिए, उसके बाद फिर विपक्षी झोपड़ी रखकर कब्जा कर लिए हैं। लेखपाल और कानूनगो की लापरवाही से पैमाइश के बाद भी मेरा फील्ड बुक आदि नहीं मिल रहा है। -पूनम देवी निवासी बहरामपुर, कासिमाबाद ।


मैं अपनी जमीन में घर बना रहा हूं। चारों तरफ की दीवार खड़ी है। अब छत डालनी है। विपक्षी मुझे रोक रहे हैं। थाना और तहसील समाधान दिवस पर लगातार प्रार्थना पत्र दे रहा हूं, लेकिन न्याय कहीं से नहीं मिल रहा है। जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाने आया हूं।-मुन्ना सिंह कुशवाहा उचौरी, कासिमाबाद ।

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मेरे जमीन को गलत पैमाइश कर लेखपाल और कानूनगो हमारे विपक्षी को कब्जा करा दिए हैं। मैं लगातार तहसील का चक्कर लगा रहा हूं। पांच बार से थाना और तहसील समाधान दिवस पर प्रार्थना पत्र दे रहा हूं । मेरा प्रमाण और जमीन का कागज होने के बाद भी मुझे न्याय नहीं मिल रहा है ।-प्रमोद यादव शाहबाजपुर, कासिमाबाद ।

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मेरे गांव के खड़ंजे पर 2014 से गांव का एक दबंग व्यक्ति कब्जा किया हुआ है । ग्राम प्रधान और गांव के लोग लगातार खाली कराने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन खड़ंजे पर से अवैझ कब्जा नहीं हट रहा है । राजस्व विभाग और पुलिस विभाग उससे मिलकर कब्जा हटाने में रुचि नहीं लेता है । इसी रास्ते को लेकर गांव के लोगों में काफी नाराजगी है । -रविकांत गुप्ता निवासी बंधई ,कासिमाबाद
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तहसील- प्रार्थना पत्र- निस्तारित
कासिमाबाद-126-11
सदर-77-04
जखनिया-37-07
जमानिया-32-03
मुहमम्दाबाद- 51-03सेवराई- 29-03
सैदपुर-28-07
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