सीवर की पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़कों की खोदाई शहर के लिए परेशानी का सबब बन गई है। खोदाई के बाद बोल्डर डाल दिए गए हैं लेकिन बारिश होते ही जहां-तहां सड़कें धंस जाती हैं। इसमें आए दिन वाहन भी फंस जा रहे हैं। यही नहीं, बारिश के बाद धूप होने पर धूल के कण आंखों में तीर की तरह चुभते हैं। शिकायत के बाद भी विभाग पर असर नहीं हो रहा। इसे लेकर लोगों में आक्रोश है।
शहर में सीवरे डालने का काम दो फेज में चल रहा है। 2024 में सीवर लाइन को चालू करना है। हालांकि एसटीपी के निर्माण में देरी के कारण ऐसा संभव नहीं लग रहा। योजना के तहत पहले फेज में 22.45 किमी सीवर पाइपलाइन डालने का काम वर्ष 2018 में शुरू हुआ। 40 करोड़ 49 लाख रुपये की लागत की इस परियोजना का काम 18.33 किमी पूरा हो चुका है।
फेज टू का काम भी वर्ष 2019 से चल रहा है। इसके तहत 82.22 किमी सीवर पाइप लाइन बिछाई जानी है। 97 करोड़ 33 लाख रुपये की इस परियोजना के तहत अब तक 78.88 किमी सड़क की खोदाई करके पाइपलाइन डाली जा चुकी है। फेज वन में 78.75 प्रतिशत और फेज टू का काम 80.50 प्रतिशत पूरा हो चुका है।
योजना के तहत सड़कों की खोदाई कर मरम्मत भी की जानी है। लेकिन खोदाई के बाद लेपन नहीं कराया गया। नियम भी है कि किसी भी सड़क की खोदाई करने के बाद उसे दुरुस्त करके ही आगे कार्य किया जाए। जबकि शहर में मनमानी चल रही है। स्थिति यह है कि सड़कों की खोदाई करके सीवर के लिए पाइल डालकर मिट्टी और बोल्डर से पाट दिया गया है, जिसे आवागमन में लोगों को परेशानी हो रही है।
शहर की सड़क की खबर में चार लोगों से बातचीत
लंका-जंगीपुर बाईपास शहर की वीआईपी सड़क मार्ग के रूप में जानी जाती है, लेकिन ये अपनी दुर्दशा का दंश झेल रही है। इसी क्षेत्र में कई माननीय भी रहते हैं। -शशिकांत पांडेय, बड़ी बाग
गोराबाजार स्थित रिवर बैंक कॉलोनी की टूटी सड़कें हैं। जगह-जगह गंदगी का अंबार है। इस कॉलोनी में अधिकारियों का निवास है, लेकिन इस समस्याओं पर किसी का कोई ध्यान है। -नन्दलाल कुशवाहा
आईटीआई चौराहा से पुलिस लाइन को जाने वाली सड़क पिछले तकरीबन पांच महीने से ऊपर हो गया, लेकिन इस पर केवल कक्कड़-पत्थर डालकर छोड़ दिए हैं, जिससे राहगीर आय दिन गिरकर चोटिल हो रहे हैं।-रामू गुप्ता
महुआबाग से कचहरी को जानें वाली सड़क मार्ग पर कक्कड़-पत्थर बिखरा पड़ा है, जिससे आय दिन राहगीरों और दुकानों के लिए जी का जंजाल बना हुआ है।- बाबू
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सीवर के लिए पाइप डालने का काम दो फेज में चल रहा है। फेज वन का काम 78.75 प्रतिशत और फेज टू का काम 80.50 प्रतिशत पूरा हो चुका है। बारिश खत्म हो जाएगी और सड़कें सूख जाएंगी तो लेपन का कार्य कराया जाएगा। वर्ष 2024 तक परियोजना का चालू करने का लक्ष्य है। -सत्येंद्र कुमार, जेई, जल निगम