गंगा के जलस्तर में बुधवार को घटाव के बाद बृहस्पतिवार की सुबह ग्यारह बजे से फिर बढ़ाव शुरू हो गया। गंगा का जलस्तर चार सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है जिससे तटवर्ती गांव के लोग बाढ़ की आशंका से सहम गए हैं।
बीते कुछ दिन पहले गंगा के जलस्तर में बारह सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से वृद्धि दर्ज की जा रही थी। इसके बाद रफ्तार में कुछ कमी आई और यह बढ़ाव तीन सेमी प्रति घंटे दर्ज किया गया। बुधवार को पानी घटने लगा तो तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों ने राहत की सांस ली। अभी उन्हें यह सुकून मिले कुछ घंटे भी नहीं बीते थे कि गंगा एक बार फिर से उफनाने लगी। बृहस्पतिवार की सुबह दस बजे 61.330, बारह बजे 61.350, दो बजे 61.370, तीन बजे 61.470 तथा शाम चार बजे गंगा का जलस्तर 61.510 मीटर तक पहुंच गया था। नदी अब खतरे के निशान से मात्र 1.595 मीटर नीचे बह रही है। जिस तरह से जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है उसको देखते हुए ग्रामीण सहमे हुए हैं। जिले में अन्य सहायक नदियों के जलस्तर में वृद्धि बाढ़ के खतरे को लेकर चेतावनी है।
प्रशासन ने बाढ़ की तैयारियों को लेकर 54 मझोली और 275 बड़ी नावों समेत कुल 329 नावों को अधिग्रहित किया है। इन सभी नावों के नाविकों को चौबीसों घंटे अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया गया है। जमानिया तहसील क्षेत्र के कर्मनाशा नदी के तेरह तथा गंगा किनारे 35 जगहों को नावों के लिए चिह्नित किया गया है।