टोक्यो में आयोजित ओलंपिक में भारतीय हाकी टीम के शानदार प्रदर्शन को लेकर पूरा देश जश्न डूबा है। इस जीत से गाजीपुर के करमपुर स्थित मेघबरन सिंह हाकी स्टेडियम में खुशी का ठिकाना नहीं है। ओलंपिक में प्रतिभाग करने वाली भारतीय हाकी टीम में करमपुर में हाकी का गुर सीखने वाले ललित कुमार उपाध्याय भी शामिल हैं। टीम में फारवर्ड और मिड फील्डर दोनों के माहिर ललित कुमार उपाध्याय का नाम जब ओलंपिक में जाने वाली भारतीय हाकी टीम के सदस्य के रूप में सामने आया था तो उस समय भी करमपुर में जश्न का माहौल था।
ललित अपने प्रशिक्षण काल के कई वर्ष करमपुर के मेघबरन स्टेडियम में बिताये हैं। वे मेघबरन महाविद्यालय के स्नातक के छात्र भी रह चुके हैं। वहीं, भारतीय टीम ने पूरे 41 वर्षों बाद हाकी ओलंपिक का कास्य मेडल जीतकर अपने देशवासियों का सीना चौड़ा कर दिया है। ऐसे में करमपुर के मेघबरन स्टेडियम में प्रशिक्षु, खिलाड़ियों और खेलप्रेमियों की खुशी का कोई ठिकाना नहीं है। ललित कुमार उपाध्याय को भारतीय हाकी टीम का हिस्सा बनने को क्षेत्र के लोगों ने मेघबरन स्टेडियम के संस्थापक स्व. ठाकुर तेजबहादुर सिंह के त्याग और परिश्रम का प्रतिफल बताया है।