गंगा का जलस्तर रविवार सुबह 63.74 मीटर, दोपहर एक बजे तक 63.780 मीटर, तीन बजे 63.820 मीटर और चार बजे 63.830 मीटर रहा। शाम चार बजे के बाद से गंगा अपने खतरे के निशान 63.105 मीटर से 73 सेमी ऊपर बह रही है।
केंद्रीय जल आयोग के प्रभारी हसनैन ने बताया कि सोमवार सुबह आठ बजे तक गंगा का जलस्तर 64.020 मीटर रहने की आशंका है। बताया कि गंगा दोपहर एक बजे तक 2 सेमी प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ रही हैं। अगर यही रफ्तार रहा तो गंगा का जलस्तर साल 2013 और साल 2016 के उच्चतम जलस्तर के रिकार्ड को पार कर जाएंगी। साल 2013 में गंगा 65.020 मीटर और साल 2016 में 65.030 मीटर तक बढ़ी थी। दोनों साल सैदपुर, करंडा, जमानियां, रेवतीपुर, मुहम्मदाबाद और भांवरकोल ब्लाक के दर्जनों गांव के हजारों लोग गंगा और उसकी सहायक नदियों के बाढ़ से तबाह हो गए थे। गंगा के जलस्तर की यही स्थिति रही तो अगले 24 घंटे में जनपद के निचले क्षेत्रों के अलावा पानी दूसरे क्षेत्रों में घुस जाएगा जिससे दुश्वारियां बढ़ जाएंगी। वहीं, गंगा के बढ़ाव के चलते सहायक नदियों का भी जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।