जिले में खरीद शुरू हुए तीन सप्ताह बीत गए हैं लेकिन अभी तक करीब दो हजार मीट्रिक टन ही गेहूं की खरीद हुई है। अभी तक विभिन्न संस्थाओं के चौदह क्रय केंद्रों पर खरीद की बोहनी भी नहीं हुई है।
शासन की ओर से जिले को पिछले वर्ष खरीद का लक्ष्य निर्धारित नहीं किया गया था। उस दौरान विभिन्न संस्थाओं के 58 क्रय केंद्रों से 78355.536 मीट्रिक टन की खरीद की गई थी। यह खरीद 17525 किसानों से हुई थी। किसानों की ओर से इस बार एक लाख 84 हजार हेक्टेयर में गेहूं की खेती की गई है। इस वर्ष 83 हजार एमटी खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बीते वर्ष की अपेक्षा इस बार समर्थन मूल्य बढ़ा है। पिछले वर्ष 1975 रुपये प्रति कुंतल न्यूनतम समर्थन मूल्य था। इस बार 2015 रुपये प्रति कुंतल बीते वर्ष की तुलना में 40 रुपये ज्यादा निर्धारित किया गया है। पहली अप्रैल से 15 जून तक होने वाली खरीद के लिए विभिन्न संस्थाओं के 69 क्रय केंद्र खोले गए हैं। इनमें खाद्य विभाग के 17, पीसीएफ के 19, यूपीपीसीयू के 23, यूपीएसएस नौ और भारतीय खाद्य निगम का एक केंद्र है। जानकारी के अनुसार अभी तक इन संस्थाओं के 55 केंद्रों पर 1995 एमटी की खरीद हुई है। यह खरीद 375 से अधिक किसानों से की गई है। जबकि 14 केंद्रों ने बुधवार की शाम पांच बजे खरीद शुरू ही नहीं हो सकी थी। इनमें यूपीएसएस के चार, पीसीएफ चार और पीसीयू के छह केंद्र शामिल हैं। खरीद की गति जोर न पकड़ने के पीछे बाजार भाव बेहतर होने को कारण बताया जा रहा है। वजह किसानों को उनके उत्पाद का अच्छा मूल्य मिल है। लिहाजा वह केंद्रों की ओर रुख नहीं कर रहे हैं।
किसान अपने नजदीकी क्रय केंद्र पर गेहूं लाकर उसकी बिक्री करें। सरकार की ओर से निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना का लाभ उठाएं। कार्यालय में स्थापित कंट्रोल रूम का नंबर 0548-2223080 है।
- रतन कुमार शुक्ला, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
सात तहसील के 11644 किसानों ने कराया पंजीकरण
गेहूं की बिक्री करने के लिए किसानों की ओर से पंजीकरण कराया जा रहा है। अब तक सभी सात तहसील के 11644 किसानों ने पंजीकरण कराया है। इसमें मुहम्मदाबाद तहसील क्षेत्र के किसानों की संख्या सबसे ज्यादा है। जखनिया के 1347, सैदपुर 1155, गाजीपुर 1707, मुहम्मदाबाद 2203, जमानिया 1884, कासिमाबाद 1698 तथा सेवराई तहसील के 1650 किसान पंजीकरण करा चुके हैं।
खाता सत्यापित न होने से नहीं हुआ भुगतान
जिले में दो लाख 10 हजार एमटी के सापेक्ष निर्धारित अवधि तक दो लाख 12 हजार एमटी धान की खरीद 33995 किसानों से की गई थी। इसमें 33425 किसानों का भुगतान उनके खाते में कर दिया गया। 570 किसानों का भुगतान अवशेष है। इसमें 308 किसानों का खाता पब्लिक फाइनेंस मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) पर सत्यापित नहीं है। इसका कारण किसानों की तरफ से अपना खाता आधार से लिंक नहीं कराया गया है। या बैंक की तरफ से नेशनल पेमेंट कारपोरेशन आफ इंडिया (एनपीसीआई) पर मैप नहीं किया गया है। किसानों के खाते का विवरण और आधार संख्या संकलित कर बैंक को पत्र भेजा गया है। ताकि जल्द भुगतान किया जा सके।