आश्वासन के बावजूद मगध एक्सप्रेस का ठहराव गहमर रेलवे स्टेशन पर न किए जाने से भूतपूर्व सैनिक सेवा संस्थान एवं रेल पुन: ठहराव समिति के सदस्यों नाराजगी जताई है। बृहस्पतिवार को डीआरएम को संबोधित पत्रक गहमर स्टेशन मास्टर के माध्यम से देते हुए एक सप्ताह में ठहराव न होने पर रेलवे स्टेशन पर धरना एवं स्टेशन मास्टर कार्यालय में तालाबंदी की चेतावनी दी।
भूतपूर्व सैनिक संगठन के अध्यक्ष मारकंडेय सिंह ने कहा कि गहमर रेलवे स्टेशन पर ठहरने वाली माल्दा टाउन-भिवानी-माल्दा टाउन फरक्का एक्सप्रेस, रामबाग-हावड़ा-रामबाग विभूति एक्सप्रेस, हावड़ा-अमृतसर-हावड़ा पंजाब मेल, इस्लामपुर-नई दिल्ली-इस्लामपुर मगध एक्सप्रेस, कामाख्या-भगत की कोठी-कामाख्या एक्सप्रेस, जयनगर-आनंद बिहार-जयनगर गरीब रथ के पुन:ठहराव को लेकर हम लोगों का आंदोलन चल रहा था। इसके तहत गहमर में 26 जुलाई को रेलवे चक्का जाम होना था लेकिन 25 की रात्रि एडीआरएम परिचालन एवं गाजीपुर जिले के अपर जिलाधिकारी भू-राजस्व के मध्य टेलीफोनिक वार्ता हुई। इसमें कहा गया कि एक सप्ताह के अंदर गहमर में मगध एक्सप्रेस, विभूति एक्सप्रेस एवं पंजाब मेल का ठहराव कर दिया जाएगा। शेष तीन ट्रेनों का ठहराव एक माह के अंदर कर दिया जाएगा। वार्ता स्वरूप जिला प्रशासन की तरफ से उपजिलाधिकारी सेवराई द्वारा हम लोगों को लिखित आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया गया। कहा कि रेलवे ने भूतपूर्व सैनिक सेवा संस्थान और रेल पुन: ठहराव समिति के लोगों की मांगों को नजरअंदाज कर केवल विभूति एक्सप्रेस एवं पंजाब मेल के ठहराव का आदेश पारित किया है। यह पूर्ण रूप से निंदनीय एवं सैनिकों के साथ वादाखिलाफी है। समिति के संयोजक हृदय नारायण सिंह ने बताया कि आज डीआरएम दानापुर को संबोधित पत्रक स्टेशन मास्टर के माध्यम से सौंपा गया। इसमें कहा गया कि एक सप्ताह के अंदर गहमर रेलवे स्टेशन पर मगध एक्सप्रेस का ठहराव सुनिश्चित करें। अन्यथा पूर्व सैनिक एवं रेल पुन: ठहराव समिति के सदस्य एक सप्ताह बाद गहमर रेलवे स्टेशन मास्टर कार्यालय पर धरना देने के साथ ही स्टेशन मास्टर कार्यालय में तालाबंदी करने को बाध्य होंगे।