आगामी विधानसभा चुनाव में अस्सी वर्ष से ज्यादा उम्र के बुजुर्गों एवं दिव्यांग मतदाताओं को मतदान करने के लिए बूथ तक नहीं जाना पड़ेगा। निर्वाचन आयोग की ओर से उन्हें डाक मतपत्र (पोस्टल बैलट) के माध्यम से घर से मतदान करने की सुविधा प्रदान की जाएगी। डाक मतपत्र के इच्छुक मतदाताओं को बीएलओ की ओर से प्रारूप-12डी उपलब्ध कराया जाएगा। पोस्टल बैलट के लिए इन मतदाताओं से इसे भरवाकर प्राप्त भी किया जाएगा। आयोग ने सभी जिलाधिकारियों को इन मतदाताओं का घर-घर जाकर सत्यापन कराने का निर्देश दिया है।
प्रदेश में विधानसभा का चुनाव अगले वर्ष प्रस्तावित है। इस चुनाव में वैसे तो अभी कई महीनों का समय शेष है लेकिन इसकी सरगर्मी दिखाई देने लगी है। चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों में जहां अभी से ही रणनीति बनाई जाने लगी है वहीं निर्वाचन आयोग की तरफ से भी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। आगामी चुनाव में ज्यादा से ज्यादा मतदाताओं की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए तमाम जतन किए जा रहे हैं। इसी क्रम में निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार आगामी विधानसभा निर्वाचन में 80 वर्ष से अधिक आयु तथा दिव्यांग मतदाताओं को पोस्टल बैलट की सुविधा उपलब्ध कराई जानी है।
जिले में करीब 61 हजार अस्सी वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग और 15 हजार से ज्यादा दिव्यांग मतदाता हैं। इस व्यवस्था के अनुसार बूथ लेवल आफीसर (बीएलओ) की ओर से अपने क्षेत्र के मतदाताओं को प्रारूप-12डी उपलब्ध कराया जाएगा। पोस्टल बैलट के माध्यम से मतदान करने के इच्छुक मतदाताओं से इसे भरवाकर प्राप्त भी किया जाएगा। विधानसभा के रिटर्निंग आफीसर की तरफ से अपने निर्वाचन क्षेत्र में पोलिंग पार्टी का गठन करते हुए इन मतदाताओं से उनके घर जाकर मतदान कराया जाएगा। इसलिए पोलिंग पार्टी के साथ एक माइक्रो आब्जर्वर भी उपस्थित रहेगा।
आयोग ने सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने क्षेत्र के सभी अस्सी वर्ष से अधिक आयु के मतदाताओं का घर-घर जाकर सत्यापन करा लें। प्रत्येक बीएलओ अपने क्षेत्र में स्थित 80 वर्ष से ज्यादा आयु के मतदाता एवं दिव्यांग मतदाताओं की सूची अलग से एक रजिस्टर में बना लें। यही नहीं आयोग का यह भी कहना है कि इन लोगों के फोन नंबर अवश्य नोट कर लें जिससे इन्हें फार्म-12डी देने और प्राप्त करने के लिए तथा पोस्टल बैलट के लिए पोलिंग पार्टी के आने की सूचना फोन तथा एसएमएस के माध्यम से दी जा सके।