दूसरी बार जिला कारागार में मुख्तार अंसारी के दोनों सालों से पूछताछ की थी। तीसरी बार मुख्तार अंसारी के साले शरजील रजा और आतिफ को जेल के बाहर से गिरफ्तार कर प्रयागराज ले गई थी। चौथी बार संजय शेरपुरिया के पैतृक आवास शेरपुर कला में जांच के लिए पहुंची।
चचेरे भाई सत्यप्रकाश राय बताते हैं कि संजय शेरपुरिया पैतृक आवास पर 10 मिनट या आधे घंटे तक के लिए ही रुकता था। सबका हाल जानने के बाद चला जाता था। कभी-कभार ही वह घर आता था।