कासिमाबाद। क्षेत्र में पिछले दो दिनों की बारिश से टोंस नदी का जल स्तर बढ़ने के साथ आधा दर्जन परिवारों के कच्चे मकान गिर गए हैं। वहीं सैकड़ों एकड़ फसल पानी में डूब चुकी है। टौंस नदी के रौद्र रूप को देखते हुए तहसील प्रशासन पूरी तरह से क्षेत्र में डेरा डाल दिया है। उपजिलाधिकारी कासिमाबाद भारत भार्गव के नेतृत्व में टीम लोगों को राहत सामग्री पहुंचाने में राजस्व टीम के साथ लगी हुई है।
कासिमाबाद विकासखंड का उत्तरी छोर टोंस नदी से जनपद की सीमा को विभाजित करता है। नदी के उस पार गाजीपुर जनपद के एक दर्जन से अधिक गांव हैं। जो लगातार हो रही बारिश के कारण टौंस नदी के बढ़ते जलस्तर से प्रभावित हैं। जिसमें विकासखंड का सिउरा, सुरवत, पाली, रेता, खैरा, कोड़रा, बहरार पूरी तरह से प्रभावित है। इन गांवों में बढ़ते जलस्तर से किसानों की फसल पूरी तरह से पानी में डूब चुकी है। बाढ़ से बस्ती के चारों तरफ पानी लगने से पशुओं के लिए चारे की भारी दिक्कत हो गई है। सबसे ज्यादा परेशानी बहरार, खैरा, कोड़रा एवं पाली ग्राम पंचायत के रेता, सुरवत के बहरामपुर, भागंड़ा गांव के लोगों के सामने हैं। इन गांव के लोगों के सामने टौंस नदी के बढ़ते जलस्तर से भविष्य को लेकर चिंता सता रही है।
तहसील प्रशासन उप जिला अधिकारी भारत भार्गव के नेतृत्व में पिछले तीन दिनों से क्षेत्र में लगातार लोगों को राहत सामग्री उपलब्ध कराने में लगा हुआ है। इस संबंध में उप जिलाधिकारी भरत भार्गव ने बताया कि पशुओं को चारा के लिए ग्राम पंचायत के ग्राम प्रधान के साथ पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया गया है। कल से सभी पशुओं को चारा उपलब्ध हो जाएगा। राशन हर गांव में वितरित करा दिया गया है।
वहीं, बहरार गांव में पांच परिवार के लोगों को प्राथमिक विद्यालय में सुरक्षा के दृष्टिकोण से रखवाया गया है। यहां पर उनकी सभी सुविधाएं दी जा रही हैं। दूसरी तरफ बढ़ते जलस्तर से पाली ग्राम पंचायत का रेता गांव पानी से पुरी तरह से घिर गया है। गांव में भी पानी चढ़ने से दर्जनो कच्चा पक्का मकान एवं झोपड़ी डूब गया है।