नोनहरा थाना क्षेत्र का एक बिल्डिग मैटेरियल दुकानदार मिली भगत कर महीनों से धांधली कर रहा था। बिहार का बिल बनवाकर सस्ते दर में सीमेंट लेकर अपने यहां महंगे दामों में बेचता था। मंगलवार को इसकी चोरी पकड़ी और डिलरों ने सीमेंट लदे ट्रक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। उसके खिलाफ वाणिज्य कर विभाग द्वारा अब कार्रवाई की जा रही है।
जिले में एक बोरी सीमेंट की इस समय करीब 400 रुपये है। दुकानदार इस पर 10 रुपये रखकर ग्राहकों को बेचता हैं, लेकिन उक्त दुकानदार ट्रक चालक से मिली भगत कर प्रतिदिन बिहार का बिल बनाकर अपने यहां सीमेंट मंगाता था। ऐसे में उसे प्रति बोरी करीब 50 रुपये कम में सिमेंट मिल जाता था। इसके बाद 20 से 30 रुपये रखकर यानी 370-380 रुपये में आसानी से बेच देता था। अन्य दुकानदार औरडीलर काफी परेशान हो गए थे। काफी पड़ताल की तो खेल मालूम हुआ। सोमवार की देर रात ट्रक जैसे ही उस दुकान पर पहुंचा, लोगों ने दबोच लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। मामला वाणिज्य कर विभाग का होने के कारण वाणिज्य कर अधिकारी पंकज कुमार पांडेय भी पहुंच गए। उन्होंने सभी कागजात की जांच की तो मालूम हुआ कि बिहार के छपरा स्थित एक दुकान के नाम से बिल बनाया गया है। पूछताछ के बाद जब दुकानदार के पास पहुंचे, तब तक वह फरार हो गया था।
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बिहार में सीमेंट की वैल्यू यूपी की अपेक्षा करीब 50 रुपये कम है। इसी शिकायत की जांच-पड़ताल की जा रही है। बिल भी बिहार के छपरा का मिला है। ट्रक मालिक और ओनर को बुलाया गया है। इनके खिलाफ 28 फीसद जीएसटी व 28 फीसद पेनाल्टी यानी 56 फीसद अर्थदंड वसूल की जाएगी।
- पंकज पांडेय, वाणिज्यकर अधिकारी