कोरोना के नए वैरिएंट को लेकर शासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। स्वास्थ्य महकमा भी विदेशों से आने वालों पर जहां पैनी नजर रखना शुरू कर दी है। वहीं महानगरों से आए प्रवासियों की जांच के साथ दायरा बढ़ाने की तैयारी भी तेज कर दी गई है। इसके लिए टीम गठित करने को लेकर सूची बनाई जा रही है। साथ ही अस्पतालों में कोविड हेल्प डेस्क को एक्टिव करने का कार्य शुरू हो चुका है, जिससे संक्रमण से निपटने की तैयारियां पूरी की जा सके। वहीं डॉक्टरों ने दो गज है दूरी, मास्क है जरूरी स्लोगन के अनुसार लोगों को एहतियात बरतने की सलाह दी है।
कोरोना संक्रमण के पहले और दूसरे लहर ने जनपद को ऐसा चपेट में लिया था कि लोग घरों में कैद हो गए थे। वहीं दूसरी लहर में संक्रमितों के आंकड़ों के साथ मौत का भी आंकड़ा काफी तेजी बढ़ने लगा था। हालांकि कोरोना टीका ने संक्रमण को समाप्त करने का काम किया और लोग सुरक्षित रहे। यहीं कारण है कि कोरोना की तीसरी लहर का असर जनपद में दिखाई नहीं पड़ा था। ऐसे में धीरे-धीरे जनजीवन सामान्य हुई और पटरी पर लौट पड़ी। अब एक बार फिर चीन में कोरोना से खराब होते हालत को देख सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को हाई अलर्ट कर दिया है, जिससे संक्रमण से बचाव को लेकर वह अपनी तैयारियां पूरी कर लें। इस संबंध में कोरोना के नोडल अधिकारी एसीएमओ डा. उमेश कुमार ने बताया कि विदेशों से आने वालों पर नजर रखी जा रही है। सूची के मुताबिक उन्हें चिह्नित कर आइसोलेट किया जाएगा। जांच का दायरा बढ़ाने के साथ कोविड हेल्प डेस्क को एक्टिव भी कराया जाएगा। लोगों को सुरक्षित रहने के लिए मास्क जरूरी है और हैंडवॉश करना भी न भूले। सुरक्षित रहने के लिए जागरूकता एवं एहतियात जरूरी है।
मुहम्मदाबाद और भदौरा में नहीं लगी ऑक्सीजन प्लांट
गाजीपुर। कोरोना के दूसरे लहर में ऑक्सीजन को लेकर हुई परेशानी को देखते हुए जिला और महिला अस्पताल के साथ ही सीएचसी पर ऑक्सीजन प्लांट स्थापित कराने का क्रम शुरू हुआ। इसके तहत जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल, सैदपुर, मनिहारी, कासिमाबाद में तो ऑक्सीजन प्लांट स्थापित हो गया। जबकि मुहम्मदाबाद सीएचसी और भदौरा सीएचसी परिसर में फाउंडेशन बनाकर दो वर्ष से जस का तस छोड़ा गया है। ऐसे में इन दोनों सीएचसी पर आश्रित लोगों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ेगा।
मार्च तक पूर्ण हो सकेगा विशेष कोविड अस्पताल
गाजीपुर। जिले में कोरोना संक्रमितों के उपचार के लिए विशेष कोविड अस्पताल स्थापित कराए जा रहे हैं। दिसंबर तक ही पूर्ण होने वाले अस्पताल अब तक मूर्त रूप नहीं ले सके हैं। ऐसे में मार्च तक पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही है। नोडल अधिकारी एसीएमओ डा. उमेश कुमार ने बताया कि 20 बेड के 16 और छह बेड के 20 अस्पताल बनाए जाने हैं। निर्माण कार्य चल रहा है। मार्च तक पूर्ण हो जाएंगे।
लक्ष्य से अधिक टीकाकरण, फिलहाल है बंद
गाजीपुर। जिले में 12 से 14 वर्ष के 152241 का टीकाकरण हो चुका है। जबकि 15 से 18 वर्ष के 282991और 18 वर्ष से 65 वर्ष तक 2847655 का टीकाकरण हो चुका है। जबकि 932441 ने बूस्टर डोज ले लिया है। डा. उमेश कुमार ने बताया कि वर्तमान समय में तीन हजार वायल कोविशील्ड, कार्विवैक्स की मौजूद हैं। टीकाकरण क्रम बूस्टर डोज के बाद से रुका हुआ है। शासन के निर्देश के बाद पुन: शुरू होगा।