डाला छठ को लेकर नगर के सभी प्रमुख घाटों पर सफाई का कार्य शनिवार से शुरू कर दिया गया। ददरीघाट, कलेक्टर घाट, पक्का, रामेश्वर, गोला, चीतनाथ, पोस्ता, सुबुआ समेत कुल पंद्रह घाटों की सफाई के लिए सफाईकर्मी सुबह से ही जुट गए थे। वे सफाई के साथ ही घाटों पर मिट्टी को काटकर सीढ़ीनुमा बनाने में जुटे हैं।
दीपावली समाप्त होने के बाद घाटों पर वैरिेकेडिंग का काम शुरू कर दिया गया। वहीं छठ व्रतियों के लिए प्रकाश की व्यवस्था की तैयारी की जा रही है। छठ के पर्व को देखते हुए नगर पालिका प्रशासन घाटों की साफ-सफाई में जुटा हुआ है। नगर के प्रमुख घाट आदि पर अर्घ्य दान के बाद व्रतियों के साथ-साथ श्रद्धालु भी पूजन-अर्चन करते हैं। नगर पालिका परिषद की ओर से नगर स्थित गंगा नदी सहित विभिन्न चिह्नित स्थान जहां छठ पूजा किया जा जाता है उनकी सफाई का काम शुरू कर दिया गया है। इधर छठ घाट पर पर्याप्त मात्रा में रोशनी की व्यवस्था करने को लेकर छठ घाटों के रास्ते और नदी तक पहुंचने वाले पथों में भी बांस-बल्ली लगाई जाएगी। अधिशासी अधिकारी सहित नपा कर्मियों के साथ नगर स्थित गंगा नदी के विभिन्न तटों का निरीक्षण किया।
जमानिया : नगर स्थित गंगा घाटों पर नदी में पानी अधिक होने की वजह से घाट नदारद है। जिससे डाला छठ का पर्व के लिए गंगा तटों पर उमड़ने वाली भीड़ को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। नदी में पानी अधिक होने के वजह से घाट सिमट गए हैं कई जगहों पर तो घाट मौजूद ही नहीं है। नगर में क्षेत्र के दर्जनों गांव के लोग डाला छठ के लिए आते है और हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी रहती है। वहीं नगर पालिका प्रशासन भी मौन साधे हुए है और समय से पूर्व तैयारी न होने से डाला छठ पर्व पर घाटों पर आने वाले लोगों की परेशानी कम होती नहीं दिखाई दे रही है। नगर के बलुआ घाट सतुआनी घाट मुन्नान घाट कपूरा घाट आदि जगहों पर पानी कम न होने से परेशानी बढ़ी है। प्रशासन की ओर से घाट पर रोशनी नदी में बैरिकेटिंग आदि की व्यवस्था की जाती है, लेकिन घाट पर पानी होने के वजह से नगर पालिका प्रशासन दूर दराज से आई व्रती महिलाओं के लिए कैसे और क्या तैयारी करता है। यह तो आने वाला समय ही बताएगा।