बच्चों को कुपोषण के साथ ही कई अन्य बीमारियों से बचाने के लिए बाल स्वास्थ्य पोषण माह का शुभारंभ नगर पालिकाध्यक्ष सरिता अग्रवाल ने नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हाथीखाना पर बुधवार को किया। इस दौरान उन्होंने नौ माह से पांच वर्ष तक के बच्चों को विटामिन-ए की खुराक पिलाई। यह अभियान अगले वर्ष 21 जनवरी तक चलाया जाएगा। इस अवसर पर पालिकाध्यक्ष ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं। इनकी बेहतर देखभाल करना हम सबकी जिम्मेदारी है। इसलिए बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण पर विशेष ध्यान देना चाहिए। इस अभियान में सभी नौ माह से पांच वर्ष तक बच्चों को विटामिन-ए की खुराक जरूर पिलाएं जिससे उन्हें कमजोरी और कुपोषण से बचाया जा सके।
प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. केके वर्मा ने बताया कि संभावित तीसरी लहर का खतरा होने के कारण अब स्वास्थ्य विभाग बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में जुट गया है। बुधवार से जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में बाल पोषण माह का शुभारंभ किया गया। बृहस्पतिवार से एएनएम एवं आशा घर-घर जाकर बच्चों को विटामिन-ए की खुराक पिलाएंगी और विभिन्न बीमारियों के टीके भी लगाएंगी। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. उमेश कुमार ने बताया कि जिले में नौ माह से 12 माह तक के बच्चों की संख्या 27311, डेढ़ वर्ष से दो वर्ष तक के 1.17 लाख और दो वर्ष से पांच वर्ष तक के बच्चों की संख्या 3.22 लाख है। उन्होंने बताया कि विटामिन-ए की खुराक बच्चों को पिलाने से उनकी इम्युनिटी बढ़ेगी। उन्होंने अभिभावकों से अपील किया कि जिनके बच्चों ने विटामिन-ए की खुराक अब तक नहीं पिया है उन्हें इस बार किसी भी हालत में विटामिन-ए की खुराक अवश्य पिलाएं। इस मौके पर एसीएमओ डॉ. डीपी सिन्हा, डीपीएम प्रभुनाथ, वरिष्ठ लिपिक अमित राय, चिकित्सा अधिकारी डॉ. इशानी वर्धन, सीडीपीओ सदर के साथ ही अन्य लोग मौजूद थे।