कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। ओमिक्रॉन के पीड़ित मरीजों के लिए जहां जिला अस्पताल में 30 बेड सुरक्षित किए गए हैं। वहीं सौ बेड का पीकू वार्ड भी बनाया गया है। साथ ही चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती के साथ जांच की भी व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है। इससे उपचार के लिए पहुंचने वाले मरीजों को तत्काल चिकित्सकीय सुविधाएं मुहैया कराई जा सके।
कोरोना संक्रमण की पहली और दूसरी लहर की विकट परिस्थितियों को झेल चुके स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी तीसरी लहर से निपटने की तैयारियों में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं। करीब चार माह पूर्व ही जिला और महिला अस्पताल में पीकू वार्ड बनाने को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई थी। जिला अस्पताल में सौ बेड का जबकि महिला अस्पताल में 40 बेड का पीकू वार्ड स्थापित कराया गया था। इसके साथ ही 69 बेड वेंटिलेटर सुविधा युक्त हैं, जबकि अन्य बेडों पर ऑक्सीजन की सुविधा उपलब्ध है। वहीं करीब मेडिकल कॉलेज में तैनात करीब 50 से अधिक डॉक्टरों की ड्यूटी लगाने को लेकर सूची तैयार कर ली गई है। साथ ही 19 स्टाफ नर्स और 30 वार्ड ब्याय को आठ-आठ घंटे के अंतराल पर वार्ड में तैनात किया जाएगा, जिससे उपचार के लिए पहुंचने वाले मरीजों को किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े।