गाजीपुर। वन विभाग द्वारा जनपद के 1238 गांवों में करीब 92 हजार पौधे लगाए जाएंगे। हर गांव में 75 पौधों को लगाकर हरेक गांव में अमृत वन तैयार किया जाएगा। ये अमृत वन गांव के पवित्र स्थानों के आस-पास या गंगा ग्रामों में गंगा किनारे विकसित किये जाएंगे। सरकार की ओर से इस वर्ष चल रहे अमृत महोत्सव के तहत वन विभाग की ओर से अमृत वन या पवित्र वन विकसित करने की मुहिम शुरू करने की तैयारी है।
वर्षा ऋतु यानी जुलाई में यह अभियान शुरू किया जाएगा। इसके लिए व न विभाग की ओर से अभी से ग्राम सभावार स्थल चयन की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। जिसके लिए ग्राम विकास विभाग की मदद भी ली जाएगी। विशेष तौर से ग्राम प्रधानों को इस मुहिम का हिस्सा बनाकर गांव-गांव अमृत वन विकसित किया जाएगा। वन विभाग का कहना है कि हर गांव में वृक्षारोपण के लिए पीपल, पाकड़, नीम, जामुन आदि के कुल 75 पौधे लगाए जाएंगे। इसके लिए नर्सरियों में पौधे तैयार हैं। बरसात के दौरान जनपद के हरेक गांवों में पौधरोपण होगा।
जनपद में 0.86 फीसदी वन क्षेत्र है। जो काफी कम है। इसकी वजह समाजिक स्तर पर पौध रोपण को लेकर शिथिलता और वृक्षों की अंधाधूंध कटाई है। नतीजतन मार्च के महीने में ठंडी खत्म होते ही यहां एकाएक तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया और लोग बेहाल हो गये हैं। गाजीपुर में मार्च महीना कभी इस तरह से नहीं तपता है। इस साल यह अप्रत्याशित गर्मी हो रही है। ऐसी गर्मी अप्रैल और मई में ही देखने को मिलती थी। डीएओ प्रदीप कुमार ने बताया कि साल 2022 को अमृत वर्ष के तौर पर मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में गांवों में अमृत वन विकसित करने की मुहिम वर्षा ऋतु में शुरू की जाएगी। जिसके लिए स्थल चयन का काम शुरू होगा।