गाजीपुर। केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ श्रम संगठनों की दो दिनी हड़ताल के पहले दिन सोमवार को स्टेट बैंक को छोड़कर विभिन्न बैंकों की करीब तीन सौ शाखाओं में ताले लटके रहे। डाक, बीएसएनएल एवं विद्युत कर्मियों ने प्रदर्शन कर मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। हड़ताल से लगभग दो सौ करोड़ का व्यवसाय प्रभावित होने के अनुमान है।
महुआबाग स्थित यूनियन बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय के सामने बैंककर्मियों प्रदर्शन किया। यूपी बैंक इंपलाइज यूनियन के क्षेत्रीय सचिव जितेंद्र शर्मा ने कहा कि सरकार श्रम कानूनों में संशोधन करने जा रही है। बैंकों में सरकारी पूंजी को घटाकर 51 प्रतिशत से नीचे लाने पर आमादा है। सरकार सार्वजनिक उपक्रमों को बेचने में लगी है। संतोष राय ने कहा कि एनपीए की वसूली के लिए कड़े से कड़ा कानून बनाया जाए। हरिद्वार सिंह यादव, पंकज चौबे, कमलेश कुमार सिंह, सरजू चौधरी, उदयवीर यादव, सुनील उपाध्याय, स्वामीनाथ गुप्ता, मोहम्मद तसव्वर, प्रभात कुमार जायसवाल, बृजेश कुमार सिंह, अली नक़ी, सुरेंद्र जायसवाल, मोहम्मद शमशाद, शिवशंकर सिंह यादव, सत्येंद्र गुप्ता, केदार गुप्ता, चंद्रमा और मोहम्मद गुलफाम ने विचार व्यक्त किया।
बीएसएनएल के कर्मचारियों की सभा में कहा गया कि सरकार बीएसएनएल के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। हमारी फोर-जी सेवा को रोकने की हर संभव कोशिश की जा रही है। भारतीय कंपनियों से उपकरण खरीदने को कहा जा रहा है जबकि किसी देशी कंपनी के पास फोर-जी तकनीक नहीं है। जिलाध्यक्ष राकेश कुमार मौर्य, जिला सचिव अपरबल यादव, अनिल राय, प्रेमलता श्रीवास्तव, मनु मेहरा, रवि कनौजिया, सेवानिवृत्त कर्मचारियों में एसएन सिंह, श्यामलाल, स्नेही, रामसेवक, लल्लन कुशवाहा, दुर्गेश गुप्ता, पुजारी त्रिपाठी, रमेश भारती, हेमवंत तिवारी आदि उपस्थित थे।
करीमुद्दीनपुर क्षेत्र के डाकघरों के कर्मचारियों ने हड़ताल का समर्थन में कामकाज बंद रखा और प्रदर्शन किया। उप डाकपाल करीमुद्दीनपुर रामबचन राम, संजय प्रजापति, इसरार अंसारी, अजय श्रीवास्तव, तेजबहादुर राय, लल्लन तिवारी, रामदरस कुशवाहा, गुड्डू यादव, सुरेंद्र राम, रामनारायन यादव, लालवचन पांडेय, श्रीपति यादव, मुनीब यादव, अशोक कुमार सिंह आदि कर्मचारी उपस्थिति थे। नंदगंज संवाददाता के अनुसार बाजार स्थित डाकघर के कर्मचारी हड़ताल पर रहे। मरदह उप डाकघर के सामने कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। रामेश्वर कुमार शक्ति, अच्छेलाल शर्मा, सुखपाल सिंह, सत्यप्रकाश भारती, आशीष रंजन, रेनू सिंह, गिरजा सिंह, जियालाल, किरन भारती, रामविलास, श्रवण कुमार सिंह, सौरभ सिंह, रामविजय तिवारी, प्रभुनाथ सिंह, माया सिंह, नीलम सिंह, सरोज देवी, विनोद कुमार चौहान, अमरजीत राम, राजनाथ राम, सोनू कुमार, दिवाकर पांडेय, रामविलास चौरसिया आदि मौजूद थे। दुल्लहपुर में कर्मचारियों ने 13 सूत्री ज्ञापन नायब तहसीलदार जयप्रकाश को सौंपा गया। सीपीआईएम के जिला सचिव विजय बहादुर सिंह, जोगिंदर यादव, वीरेंद्र गौतम, सुनैना गिरी, विनोद यादव, अवधू, विजयप्रताप, सिकंदर, मंजू, पूजन यादव, माली चौहान, राजेंद्र, सोनू, कुसुम, लालजी, राजमती, लालजी यादव, विनोद गुप्ता, नवरंग, चंद्रदेव, अनीता राम, अवधराम, रामदुलार, रामअवध, अंबिका, उर्मिला यादव आदि उपस्थित थीं।
निजीकरण की नीति के विरोध में बिजली कर्मियों ने चढ़ाई आस्तीन
गाजीपुर। केेंद्र और राज्य सरकार की निजीकरण की नीति के विरोध में बिजली कर्मियों ने सोमवार को आस्तीन चढ़ा ली। संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वावधान में शहर के लालदरवाजा पावर हाउस परिसर में प्रदर्शन किया। इस अवसर पर हुई सभा में समिति के जिला संयोजक निर्भय नारायण सिंह ने कहा कि चंडीगढ़ एवं पांडिचेरी सहित सभी केंद्र शासित प्रदेशों एवं अन्य स्थानों पर चल रही निजीकरण की सारी प्रक्रिया निरस्त की जाए। केरल के केएसईबी लिमिटेड की तरह उप्र में भी सभी ऊर्जा निगमों का एकीकरण कर यूपीएसईबी लिमिटेड का गठन किया जाए। सभी बिजली कर्मियों के लिए पुरानी पेंशन प्रणाली लागू की जाए। तेलंगाना की तरह ऊर्जा निगमों में कार्यरत सभी संविदा कर्मियों को नियमित किया जाए। जिला सह संयोजक शिवघम राय ने कहा कि सभी संवर्गों की वेतन विसंगतियों का निराकरण किया जाए। धरना सभा में अधिशासी अभियंता चंद्रपाल सिंह, आदित्य पांडेय, महेंद्र मिश्रा, आशीष चौहान, शेखर सिंह, मिठाईलाल, सत्यम त्रिपाठी, शिवदर्शन सिंह, जिलाध्यक्ष अरविंद कुशवाहा, जिला मंत्री विजयशंकर राय, अश्विनी सिंह, जेपी बाबू, प्रवीण सिंह, भानू सिंह, पीतांबर कुशवाहा, जितेंद्र सिंह, एकराम सिद्दीकी, प्रवीण पांडेय, सुधीर सिंह, अनमोल मिश्रा, अरविंद श्रीवास्तव, अरविंद राम, विनय तिवारी, शशिकांत कुशवाहा, अनीस अहमद आदि कर्मचारी उपस्थित थे।