आईएमटी के दीक्षांत समारोह में भी जेएनयू का मुद्दा छाया रहा। दीक्षांत समारोह में स्टूडेंट्स को डिग्रियां बांटने पहुंचे कॉलेज के प्रेसिडेंट और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ का कहना था कि राजनीति और शिक्षा अलग-अलग विषय हैं। शिक्षा के क्षेत्र में राजनीति करना अच्छी बात नहीं।
कमलनाथ का कहना था कि विदेशों में भी शिक्षा को अन्य क्षेत्रों से अलग ही रखा जाता है। भारत में भी ऐसा ही होना चाहिए। शिक्षा के गिरते स्तर पर भी उन्होंने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जिस तरह से इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट कॉलेज खुल रहे हैं, उसमें स्टूडेंट्स को क्वालिटी एजूकेशन नहीं मिल रही।
कहीं अच्छी फैकल्टी नहीं है। कहीं एक कमरे में ही कॉलेज चल रहे हैं। स्टेट गर्वनमेंट को यह सूरत बदलनी होगी। रिसर्च पर ज्यादा ध्यान देना होगा। इससे पहले आईएमटी के 722 स्टूडेंट्स को डिग्रियां दी गईं।
इसमें अंकित गुप्ता, आदिरता गुहा, योजना रानासारिया, श्रेया बिष्ट, अय्यर प्रिया राजन और अरनिंदम मित्रा को गोल्ड मेडल दिया गया। जबकि एल्युमिनी अवार्ड सुनील कटारिया और विशिष्ठ जैन मेमोरियल अवार्ड वर्षा अरविंद को मिला।
अर्थव्यवस्था की उथल पुथल जल्द होगी दूर : उदय कोटक
कोटक महेंद्रा बैंक के एमडी उदय कोटक ने कहा कि अर्थव्यवस्था में जो उथलपुथल मची है, वह 10 से 12 माह में दूर हो जाएगी। जहां तक स्टार्ट अप और मेक इन इंडिया प्रोग्राम की बात है तो उसमें बैंक उन्हीं को लोन देगा जो शुरुआत में अपने स्तर से कुछ धनराशि लगाएंगे। बैंकिंग सेक्टर के आधारभूत ढांचे में परिवर्तन लाना होगा। विजया माल्या के सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि कोटक बैंक ने विजय माल्या को लोन नहीं दिया।