परिवहन विभाग दो सप्ताह में एनसीआर से डीजल टैक्सियों को बाहर कर देगा। योजना बन चुकी है। एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट पहले ही दिल्ली-एनसीआर से डीजल टैक्सियों को बाहर करने के आदेश दे चुके हैं। इसके लिए परिवहन विभाग को दी गई समय-सीमा 31 मार्च को पूरी हो रही है।
इसके बाद टैक्सियों की धरपकड़ शुरू की जाएगी। एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को लेकर एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट ने कड़े नियम लागू किए हैं। इनमें दिल्ली-एनसीआर से डीजल टैक्सियों को बाहर करना भी शामिल है।
दो महीने पहले एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट ने डीजल टैक्सियों को बाहर करने के आदेश दिए थे। इसके लिए परिवहन विभाग को 31 मार्च तक का समय दिया गया था। डीजल टैक्सियों को बाहर करने को दिए गए समय में दो सप्ताह ही बचे हैं।
एनसीआर में करीब 20 हजार टैक्सियां स्थानीय परमिट की है। परिवहन अफसरों का मानना है कि नेशनल परमिट वाली टैक्सियों का संचालन विधिवत होता रहेगा। एनसीआर और सिटी परमिट वाली डीजल टैक्सियों के स्थान पर सीएनजी टैक्सियों के परमिट जारी किए जाने हैं।
इनसे प्रदूषण का ग्राफ कम करने में मदद मिलेगी। एआरटीओ केपी गुप्ता ने बताया कि डीजल टैक्सियों केमालिकों के पते पर नोटिस भेज दिए गए हैं। फिटनेस और परमिट सेक्शन को भी डीजल टैक्सियों की फिटनेस न करने के आदेश दिए गए हैं। एक अप्रैल से प्रवर्तन टीमें डीजल टैक्सियों की धरपकड़ के लिए प्रवर्तन टीम अभियान चलाएंगी। डीजल टैक्सियों की धरपकड़ के लिए चेकपोस्ट भी बनाई जाएंगी।